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gorakhpur, cm yogi, Farmer, trap, registration 14-Apr-2026 02:42 PM

फार्मर रजिस्ट्रेशन के जाल में फंसे किसान, 10 एकड़ वाले भी बेच पा रहे सिर्फ 5 कुंतल गेहूं, किसानों में रोष

रूरल न्यूज नेटवर्क सरकार द्वारा ऐप के माध्यम से चल रही ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। जटिल प्रक्रिया और तकनीकी खामियों के कारण किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाने से वंचित हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई किसानों को मजबूरी में अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही है।

बांसगांव नगर पंचायत में स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां 10 एकड़ जमीन रखने वाले किसान भी महज 5 कुंतल गेहूं ही बेच पा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि लेखपाल द्वारा रजिस्ट्रेशन में किसान की पूरी जमीन दर्ज नहीं की गई, बल्कि केवल एक गाटा ही शामिल किया गया है। शासन के निर्देशानुसार, जितनी भूमि रजिस्ट्रेशन में दर्ज होगी, उसी के आधार पर खरीद की जा रही है। किसानों की परेशानी बढ़ाने वाला एक और कारण विपणन केंद्र का स्थानांतरण है। पहले यह केंद्र ब्लॉक के पास स्थित था, लेकिन अब इसे करीब 5 किलोमीटर दूर सियारी गहना स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे किसानों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

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तकनीकी खामियों के चलते कई किसान अपनी पूरी जमीन का विवरण दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। इसका असर यह है कि वे न केवल अपनी फसल सरकारी एजेंसियों को बेचने से वंचित हो रहे हैं, बल्कि खाद, बीज और कीटनाशकों पर मिलने वाली सब्सिडी का भी पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

सरकार ने फार्मर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय की है। इसके बाद केवल पंजीकृत किसानों को ही सरकारी योजनाओं और क्रय केंद्रों का लाभ मिलेगा। ऐसे में यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो बड़ा सवाल यही है कि सरकार का अन्न भंडार आखिर भरेगा कौन?

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