-
Friday, 22nd May, 2026
बांसगांव
रूरल न्यूज नेटवर्क। बांसगांव में अधिवक्ताओं ने 'नो ऐड वर्क' का ऐलान किया, जिसके कारण
दीवानी और तहसील न्यायालयों में सुनवाई ठप रही। यह विरोध लखनऊ में वकीलों के चैंबर
तोड़े जाने के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज के खिलाफ किया गया है।
लखनऊ में वकीलों के चैंबर
हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस पर अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज करने का आरोप है। इस
घटना को लेकर बांसगांव दीवानी कचहरी के अधिवक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है।
सिविल बार एसोसिएशन के
अध्यक्ष यशवंत सिंह श्रीनेत एडवोकेट ने पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की।
उन्होंने इसे न्याय के प्रहरियों पर पुलिसिया अत्याचार बताया। श्रीनेत ने यह भी
कहा कि वकीलों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उनके चैंबर तोड़ना अन्यायपूर्ण
है।
अधिवक्ताओं ने सरकार से
वकीलों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने इस घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराकर दोषी
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की भी मांग की।
न्यायालयों में कामकाज ठप रहने के कारण दूर-दराज से आए वादकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा। गौरतलब है कि शनिवार को तहसील समाधान दिवस और रविवार को अवकाश के चलते भी तहसील न्यायालयों में सुनवाई नहीं हो पाई थी।