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Wednesday, 1st April, 2026
बांसगांव
रूरल न्यूज नेटवर्क।राष्ट्रीय
हड़ताल के आह्वान पर 12 फरवरी 2026, गुरुवार को गोरखपुर के बांसगांव में एक विशाल मजदूर-किसान
मार्च निकाला गया। यह मार्च अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा और उत्तर प्रदेश आशा
वर्कर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
मार्च सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र बांसगांव से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए उपजिलाधिकारी बांसगांव
कार्यालय पहुंचा, जहां एक जनसभा आयोजित की गई। इसमें शामिल मजदूरों, किसानों और आशा
वर्करों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख
मांगों में चारों श्रम कानूनों को निरस्त करना, अमेरिका परस्त किसान विरोधी ट्रेड डील
से बाहर आना, मनरेगा को मजबूत व बहाल करना, आशा वर्करों को राज्य कर्मचारी का दर्जा
देना तथा समूह ‘ग’ कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं लागू करना शामिल था।
इसके अतिरिक्त, बिजली
बिल माफ करने, प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, गरीबों पर बुलडोजर कार्रवाई
बंद करने और जहां गरीब परिवार वर्षों से बसे हैं, उस भूमि का वैध पट्टा देने की मांग
भी प्रमुखता से उठाई गई।
सभा को संबोधित करते
हुए भाकपा-माले के जिला सचिव राकेश सिंह ने कहा कि मौजूदा नीतियां मजदूरों, किसानों
और गरीब तबके के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चारों श्रम कानून पूंजीपतियों के
हित में बनाए गए हैं, जिससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर हुए हैं, और अमेरिका परस्त ट्रेड
डील से देश की कृषि, डेयरी तथा छोटे उत्पादकों पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा। उन्होंने
मनरेगा को कमजोर करना ग्रामीण गरीबों के साथ अन्याय बताया।
राकेश सिंह ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले के जिला सचिव राकेश सिंह, बांसगांव प्रभारी प्रभुनाथ सिंह, एहतेसामुल हक, चंद्रिका प्रसाद, ऐपवा नेत्री पुष्पा चौहान, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव की अध्यक्ष पुष्पा राय, उपाध्यक्ष प्रेमशीला, कौड़ीराम अध्यक्ष अर्चना शुक्ला तथा सचिव मालती कसोधन ने संयुक्त रूप से किया। सभा का संचालन अमित सिंह ने किया।