एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी जीडीए की सभी सुविधाएं
गोरखपुर विकास प्राधिकरण अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तेज बनाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राधिकरण में इंटीग्रेटेड ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) एवं सिटीजन सर्विसेज प्लेटफॉर्म लागू करेगा। इसके जरिए प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों की कार्यप्रणाली को एकीकृत करने के साथ नागरिक सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। प्रस्तावित सिटीजन सर्विसेज पोर्टल पर ही नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन, भुगतान, शिकायत निवारण, नीलामी और आवेदन की स्थिति की ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे अलग-अलग अनुभागों में आवेदन की प्रक्रिया और उसकी स्थिति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। ईआरपी में वर्कफ्लो ऑटोमेशन की व्यवस्था होगी। इसके तहत डिजिटल अनुमोदन, फाइल ट्रैकिंग और अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचनाएं भेजने की सुविधा रहेगी। प्रत्येक प्रक्रिया का ऑडिट ट्रेल उपलब्ध होने से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि फाइल किस स्तर पर और कितने समय से लंबित है। ई-ऑफिस की कार्यक्षमता को भी इसी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।प्राधिकरण रियल टाइम एमआईएस और डैशबोर्ड विकसित करेगा। इसके जरिए प्राधिकरण की परियोजनाओं, वित्तीय स्थिति, नागरिक सेवाओं की डिलीवरी और संगठनात्मक प्रदर्शन की निगरानी की जा सकेगी। इससे अधिकारियों को लंबित कार्यों और प्रगति की स्थिति एक ही जगह पर दिखाई देगी। प्रस्तावित प्रणाली में पेमेंट गेटवे, ओबीपीएएस-फास्टपास, आधार सत्यापन और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) के एकीकरण की व्यवस्था होगी। भूमिका आधारित एक्सेस कंट्रोल से अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार सिस्टम तक पहुंच दी जाएगी। प्राधिकरण का मानना है कि इससे आंतरिक कार्यप्रणाली मजबूत होने के साथ फास्टर पब्लिक डिलीवरी और कार्यों में तेजी आएगी।प्राधिकरण की ओर से इस प्रस्ताव का उद्देश्य अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने, आंतरिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने और नागरिक सेवाओं की डिलीवरी में तेजी लाना है। बोर्ड से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।