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गोरखपुर / बड़हलगंज
16-Jun-2026 03:35 PM
मृत्यु प्रमाण पत्र विवाद में नया मोड़, डीएम ने बड़हलगंज ईओ से मांगा स्पष्टीकरण
रूरल न्यूज नेटवर्क।बड़हलगंज
क्षेत्र के निजी अस्पताल में मृत कुशीनगर जिले की मृतका लैकुननिशा पत्नी समसुद्दीन
के मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। शिकायतकर्ता
हशरतुन ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी बहन के नाम पर
कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि
मृतका का वैध मृत्यु प्रमाण पत्र 23 मार्च 2019 की मृत्यु तिथि के आधार पर सक्षम अधिकारियों की जांच और
आदेश के बाद जारी किया गया था। आरोप है कि बाद में मृतका के पति समसुद्दीन व उसकी
पुत्री रन्नो निशा उर्फ़ साहिना सहित कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित रूप
से नोटरी शपथ पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर नगर पंचायत बड़हलगंज से 23 मार्च 2020 की मृत्यु तिथि
अंकित कर दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया गया।
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी
से कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को निरस्त करने तथा इस प्रकरण में शामिल लोगों
के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है। शिकायत में संबंधित व्यक्तियों
के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की भी मांग की गई है।मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने नगर पंचायत
बड़हलगंज के अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके बाद मामले की जांच
शुरू कर दी गई है।
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इस संबंध में मंगलवार को
अधिशासी अधिकारी राम समुख ने बताया कि दोनों पक्षों से संबंधित अभिलेख पुनः मांगे
गए हैं। उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों का परीक्षण कर जांच की जा रही है। जांच
पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर
आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फाहिमा अस्पताल प्रशासन
ने स्वीकार किया है कि पूर्व में जारी एक पत्र में लिपिकीय त्रुटिवश मृत्यु वर्ष 2020 अंकित हो गया था, जबकि सही मृत्यु तिथि 23 मार्च 2019 है। अस्पताल के चिकित्सक
डॉ फय्याज ने इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए संशोधित स्पष्टीकरण जारी किया है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक रिपोर्ट
आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।