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Wednesday, 10th June, 2026
बड़हलगंज
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रूरल न्यूज नेटवर्क। चिल्लूपार
क्षेत्र में सरयू नदी के कटान से प्रभावित गांवों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद
है। प्रशासन ने मूसाडोही,
बगहा देवार से संगम नोज तक नदी की ड्रेजिंग (खुदाई) कर धारा
को नियंत्रित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ज्ञानकोल से बगहा
तक तटबंध पर खड़ंजा मार्ग बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।
हाल ही में जिलाधिकारी ने चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ ज्ञानकोल, पटना, बगहा देवार और दिस्तौलिया में चल रहे कटान-रोधी एवं तट संरक्षण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इन कार्यों की समीक्षा के दौरान, अधिकारियों को तटबंध पर खड़ंजा मार्ग निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। सिंचाई विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 में ड्रेजिंग परियोजना का नया प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव के तहत नदी की तलहटी की खुदाई कर जल प्रवाह को व्यवस्थित किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर धारा को भी मोड़ा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे कटान प्रभावित क्षेत्रों पर नदी का दबाव कम होगा और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। मूसाडोही, बगहा देवार से संगम नोज तक ड्रेजिंग परियोजना का प्रस्ताव पहले भी शासन को भेजा गया था। उस समय लगभग 21 करोड़ रुपये की कटान-रोधी एवं तट संरक्षण परियोजना के साथ ड्रेजिंग योजना भी प्रस्तावित थी।
हालांकि, शासन ने प्राथमिकता के आधार पर कटान-रोधी कार्यों को मंजूरी दी थी। वर्तमान में तट संरक्षण और बोल्डर पिचिंग का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। ज्ञानकोल से बगहा तक तटबंध पर खड़ंजा मार्ग बनने से कटान-रोधी कार्यों की निगरानी, रखरखाव और निर्माण सामग्री के परिवहन में सुविधा मिलेगी। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यह मार्ग बनने से आवागमन आसान होगा और बाढ़ तथा कटान के समय राहत कार्यों में तेजी आएगी।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में चल रही 21 करोड़ रुपये की कटान-रोधी परियोजना और भविष्य में प्रस्तावित ड्रेजिंग योजना के संयुक्त प्रभाव से सरयू नदी के किनारे बसे ज्ञानकोल, पटना, बगहा देवार और आसपास के तमाम गांवों को लंबे समय तक सुरक्षा मिल सकेगी।