BREAKING NEWS
गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
Default left Ad
Default right Ad
• desk • गोरखपुर • 16-10-2026

जूनिवर्स’ की मदद से आम आदमी भी ढूढ़ सकेंगे बाह्य ग्रहों के संकेत

गोरखपुर : प्रशान्त मिश्रा यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के सीएचईओपीएस अंतरिक्ष दूरबीन से प्राप्त लगभग 27,000 प्रकाश वक्रों का अध्ययन करने के लिए ‘जूनिवर्स’ ने पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। नागरिक विज्ञान की इस निशुल्क परियोजना में दुनिया के किसी भी हिस्से से कोई भी अपना पंजीकरण करते हुए खगोलीय अनुसंधान में अपना योगदान दे सकता है।  नागरिक विज्ञान परियोजना में भागीदारी

‘प्लैनेट हंटर्स’ प्रोजेक्ट्स में आप भी नए बाह्यग्रहों के संभावित संकेत, तारों की ज्वालाएं और अन्य असामान्य खगोलीय घटनाएं खोजने में वैज्ञानिकों की सहायता कर सकते हैं। इसके लिए विज्ञान की डिग्री या महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं है। इसमें कोई भी व्यक्ति मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से प्रतिभाग करते हुए सिटिजन साइंटिस्ट या नागरिक वैज्ञानिक का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है।  ‘जूनिवर्स’ की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सीएचईओपीएस (कैरेक्टराइजिंग एक्सोप्लैनेट सैटेलाइट) का मुख्य कार्य उन तारों की अत्यंत सूक्ष्म चमक-परिवर्तनों को मापना है, जिनके चारों ओर पहले से ग्रह होने की जानकारी है। यह मुख्य रूप से चुनिंदा तारों का अवलोकन करता है, लेकिन उसके दृश्य क्षेत्र में अक्सर कई अन्य तारे भी आ जाते हैं। ये पृष्ठभूमि के तारे अवलोकन का केंद्र नहीं होते, फिर भी उनके आंकड़ों में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी छिपी हो सकती है। वहीं, प्रकाश वक्र एक ग्राफ होता है, जो समय के साथ किसी तारे की चमक में आए परिवर्तन को दिखाता है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अधिकांश तारे लगभग स्थिर दिखते हैं, लेकिन कुछ में आवधिक उतार-चढ़ाव, अचानक चमक, लहरदार पैटर्न या अन्य विशेषताएं दिखाई देती हैं। कंप्यूटर-आधारित विश्लेषण इनमें से कई पैटर्न पहचान सकता है, लेकिन मानव आंख अप्रत्याशित पैटर्न को पहचानने में विशेष रूप से सक्षम होती है। इसमें पारगमन-जैसे अवक्षेप, फ्लेयर्स, आवधिक परिवर्तनशीलता, ग्रहणशील द्विआधारी तारे और असामान्य या अप्रत्याशित विशेषताएं शामिल हैं। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, प्रकाश वक्र में दिखने वाली हर गिरावट किसी ग्रह के कारण नहीं होती। अन्य तारे, यंत्रों के प्रभाव या यादृच्छिक शोर भी इसी तरह की आकृतियां बना सकते हैं। इसलिए ऐसे संकेतों को तब तक केवल ‘संभावित संकेत’ ही कहा जाएगा, जब तक उनकी गहन जांच न हो जाए। प्रोजेक्ट्स पूर्ण हो जाने पर स्वयंसेवक अपने प्रमाण पत्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

Static Fallback middleAd2 Ad

जिले के गाँव-कस्बों की खबरों के लिए जुड़ें

×
02:37
गोरखपुर: लोकगायक राकेश श्रीवास्तव को स्व. रवि नागर स्मृति मंजुश्री सम्मान
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : कलाद्वीप फाउंडेशन का कलाद्वीप महोत्सव 31 अक्टूबर को
गोरखपुर : बेटी ने जीता गोल्ड मेडल, पिता साइबर ठगी में गिरफ्तार, चिलुवाताल पुलिस ने की गिरफ्तारी,साथ में चार और धराए
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर मैहर स्टेशन पर होगा ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
गोरखपुर : जटेपुर में बनेगा 3.85 करोड़ की लागत से कल्याण मंडपम
गोरखपुर : अगले दो दिन में गोरखपुर और आसपास के इलाके में बारिश के आसार