जूनिवर्स’ की मदद से आम आदमी भी ढूढ़ सकेंगे बाह्य ग्रहों के संकेत
गोरखपुर : प्रशान्त मिश्रा यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के सीएचईओपीएस अंतरिक्ष दूरबीन से प्राप्त लगभग 27,000 प्रकाश वक्रों का अध्ययन करने के लिए ‘जूनिवर्स’ ने पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। नागरिक विज्ञान की इस निशुल्क परियोजना में दुनिया के किसी भी हिस्से से कोई भी अपना पंजीकरण करते हुए खगोलीय अनुसंधान में अपना योगदान दे सकता है। नागरिक विज्ञान परियोजना में भागीदारी
‘प्लैनेट हंटर्स’ प्रोजेक्ट्स में आप भी नए बाह्यग्रहों के संभावित संकेत, तारों की ज्वालाएं और अन्य असामान्य खगोलीय घटनाएं खोजने में वैज्ञानिकों की सहायता कर सकते हैं। इसके लिए विज्ञान की डिग्री या महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं है। इसमें कोई भी व्यक्ति मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से प्रतिभाग करते हुए सिटिजन साइंटिस्ट या नागरिक वैज्ञानिक का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है। ‘जूनिवर्स’ की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सीएचईओपीएस (कैरेक्टराइजिंग एक्सोप्लैनेट सैटेलाइट) का मुख्य कार्य उन तारों की अत्यंत सूक्ष्म चमक-परिवर्तनों को मापना है, जिनके चारों ओर पहले से ग्रह होने की जानकारी है। यह मुख्य रूप से चुनिंदा तारों का अवलोकन करता है, लेकिन उसके दृश्य क्षेत्र में अक्सर कई अन्य तारे भी आ जाते हैं। ये पृष्ठभूमि के तारे अवलोकन का केंद्र नहीं होते, फिर भी उनके आंकड़ों में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी छिपी हो सकती है। वहीं, प्रकाश वक्र एक ग्राफ होता है, जो समय के साथ किसी तारे की चमक में आए परिवर्तन को दिखाता है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अधिकांश तारे लगभग स्थिर दिखते हैं, लेकिन कुछ में आवधिक उतार-चढ़ाव, अचानक चमक, लहरदार पैटर्न या अन्य विशेषताएं दिखाई देती हैं। कंप्यूटर-आधारित विश्लेषण इनमें से कई पैटर्न पहचान सकता है, लेकिन मानव आंख अप्रत्याशित पैटर्न को पहचानने में विशेष रूप से सक्षम होती है। इसमें पारगमन-जैसे अवक्षेप, फ्लेयर्स, आवधिक परिवर्तनशीलता, ग्रहणशील द्विआधारी तारे और असामान्य या अप्रत्याशित विशेषताएं शामिल हैं। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, प्रकाश वक्र में दिखने वाली हर गिरावट किसी ग्रह के कारण नहीं होती। अन्य तारे, यंत्रों के प्रभाव या यादृच्छिक शोर भी इसी तरह की आकृतियां बना सकते हैं। इसलिए ऐसे संकेतों को तब तक केवल ‘संभावित संकेत’ ही कहा जाएगा, जब तक उनकी गहन जांच न हो जाए। प्रोजेक्ट्स पूर्ण हो जाने पर स्वयंसेवक अपने प्रमाण पत्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।