गोरखपुर में महिला अपराध पर तुरंत कार्रवाई की तैयारी, मिशन शक्ति के तहत चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
गोरखपुर : महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए मिशन शक्ति के छठे चरण के तहत अभियान चलाया जा रहा है। नवरात्रि के दौरान भी हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है। DM दीपक मीणा ने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता है कि हर महिला को सुरक्षित माहौल मिले और वह बिना किसी डर के अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके। DM दीपक मीणा ने कहा कि मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को सुरक्षा देने के साथ ही उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर DM ने कहा कि ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है। महिला थानों और हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण किया जाएगा। महिला अपराध से जुड़े मामलों की विवेचना जल्द पूरी कराने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके। मिशन शक्ति के तहत इंटर कॉलेजों में भी जागरूकता और आत्मरक्षा से जुड़े कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। DM ने बताया कि मिशन शक्ति के तहत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। कोशिश है कि अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचे और पात्र लोगों को उनका लाभ मिल सके। महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण के लिए पुलिस के साथ आईसीडीएस, महिला कल्याण और प्रोबेशन विभाग भी काम कर रहे हैं। इन विभागों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। DM के मुताबिक, महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सभी संबंधित विभागों को सक्रियता के साथ काम करने और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। DM दीपक मीणा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसी उद्देश्य से मिशन शक्ति के तहत सभी संबंधित कार्यक्रमों को मिशन मोड में चलाया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों, जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल मदद मिले और वे सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ सकें।