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Sunday, 17th May, 2026
भरोहिया
रूरल न्यूज नेटवर्क। पीपीगंज
क्षेत्र के रसूलपुर चकिया गांव में स्थानीय निवासियों के संरक्षण प्रयासों के कारण
उल्लुओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। हाल ही में, परम ज्योति इंटर कॉलेज परिसर के आसपास स्वतंत्र रूप से
विचरण करते एक बड़े आकार के उल्लू का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल
हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में कौतूहल पैदा कर दिया है।
ग्रामीण उल्लुओं को कोई
नुकसान नहीं पहुंचाते और उन्हें पूरी तरह सुरक्षित रखते हैं। स्थानीय लोगों का
कहना है कि क्षेत्र में भूरे रंग के उल्लू कभी-कभार ही दिखते हैं, लेकिन रसूलपुर चकिया के आसपास के परिक्षेत्र में भ्रमण करने
पर उल्लू लगभग निश्चित रूप से दिखाई देते हैं। महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय, जंगल कौड़िया के जंतु विज्ञान के आचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह
ने बताया कि उल्लू एक दुर्लभ पक्षी प्रजाति है, जिनकी आबादी
बेहद कम है और ये सीमित भौगोलिक क्षेत्रों में ही पाए जाते हैं। यह प्रजाति
विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी है। ऐसे में क्षेत्र में उल्लुओं का नियमित आना और
प्रजनन करना पर्यावरण के लिए बेहद सुखद और सकारात्मक संकेत है।
स्थानीय नागरिक व्यासमुनी सिंह, अर्पण, सुरेंद्र, चंद्र प्रकाश और किरन सिंह ने जानकारी दी कि इलाके में पर्याप्त संख्या में पेड़-पौधे होने के कारण उल्लू यहां रहना पसंद करते हैं। घने वृक्ष इनके लिए आदर्श आवास प्रदान करते हैं, जिससे उनकी उपस्थिति बनी रहती है।