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gorakhpur, cm yogi, Uncle-nephew gang 25-May-2026 04:53 PM

मामा-भांजा की गैंग पकड़ी, सरकारी स्कूलों को टारगेट कर उड़ा देते सिलेंडर-टीवी, 9 गिरफ्तार

रूरल न्यूज नेटवर्क मामा-भांजा की गैंग का पीपीगंज पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पीपीगंज थाने की पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर सरकारी स्कूलों व भवनों में चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गैंग को मामा-भांजा मिलकर चलाते थे। यह गैंग रेकी करके रात के समय सरकारी स्कूलों को निशाना बनाती थी।

वहां से सिलेंडर, टीवी और कीमती सामान उड़ाकर सस्ते दाम में बेच देते थे। पकड़े गए 09 आरोपियों में 5 चोरी का सामान खरीदने के आरोप में दबोचे गए हैं। पूछताछ में 6 स्कूलों में चोरी करने जुर्म आरोपियों ने स्वीकार किया है। मामा और भांजा ने बताया कि वर्तमान समय में सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इसलिए चोरी के सिलेंडर से घर में खाना बनाते थे। गैस खत्म होने पर सिलेंडर बेच देते थे। गैंग में कैंपियरगंज कुआरे गांव का रमेश उर्फ सूईत, पीपीगंज जंगल कौड़िया का अनिल, प्रवीण यादव और सन्नी गौड़ सक्रिय सदस्य हैं। इसमे प्रवीण यादव रमेश उर्फ सूईत का मामा है। दोनों ने अनिल और सन्नी गौड़ को भी गैंग में शामिल किया था। सन्नी की बाइक से ही चोरी की घटनाएं अंजाम दी जाती थी।

इनके अलावा चिलुआताल के चिउटी जाम निवासी गंगा सागर मद्देशिया, गोपीचंद मद्देशिया, पीपीगंज के बुढली टोला बरियारी के बाल मुकुंद, यशपाल उर्फ मुन्ना यादव और शेषमणि निषाद को पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रवीण पर 4 और रमेश पर 5 मुकदमे पहले से हैं। छह माह से चोरी की घटनाएं अंजाम दे रहे थे।

अब तक 6 सरकारी स्कूलों को बनाया निशाना

एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार और सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने सोमवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया कि आए दिन सरकारी स्कूलों में चाेरी की शिकायतें सामने आ रही थी। इस पर अंकुश लगाने और गैंग का पर्दाफाश करने के लिए कई टीमे लगाई गई थीं।

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मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग चोरी का सामान बेचने वाले हैं। इस जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर 4 आरोपियों को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी का सामान भी मिला। कड़ाई से पूछताछ के बाद मामा-भांजा प्रवीण यादव और रमेश ने बताया कि सरकारी स्कूलों में चोरी करना आसान लगता था।

यहां पर सीसीटीवी कैमरा भी नहीं होता है, दूसरी आबादी वाली जगह से दूर सरकारी प्राथमिक विद्यालय बनाए गए हैं। चोरी से पहले दो दिन स्कूल जाकर रेकी की जाती थी, कि वहां कीमती सामान कितना है। इसके बाद रात के समय स्कूल गेट का ताला तोड़कर कीमती सामान बोरे में भरकर पार कर देते थे। उन्होंने बताया कि जहां भी जाते थे, वहां से सिलेंडर जरूर चोरी करते थे। सिलेंडर में जब तक गैस रहती थी, उसका घर पर इस्तेमाल करते थे। इसके बाद खाली सिलेंडर 1500-2000 रुपये तक में बेच देते थे। वहीं स्कूलों में लगी एलईडी टीवी 3 से 4 हजार में बेचते थे।

इनके पास से 5 गैस सिलेंडर, 4 एलईडी टीवी, 1 मॉनिटर, 1 यूपीएस, 1 कीबोर्ड व माउस, 1 प्रिंटर और एक मोबाइल बरामद किया है। इनकी कुल कीमत 3 लाख 10 हजार रुपये बताई जा रही है।

इन स्कूलों में भी चोरी कर चुके हैं आरोपी

पीपीगंज के प्राथमिक विद्यालय ताललिखिया में 8 अप्रैल को चोरी की घटना हुई थी। प्रधानाचार्य ने तहरीर देकर बाताया था कि उनके विद्यालय से गैस, चुल्हा, राशन का सामान व विद्यालय निर्माण में उपयोग हो रहे लोहे के एंगल आदि चोरी कर लिया गया है। इससे पहले भी चोरी की घटना हो चुकी है। कैंपियरंगज के पंचायत भवन बैरघट्टा में आरोपियों ने दरवाजे की कुंडी काटकर कम्प्यूटर सेट व प्रिंटर चोरी किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से सहजनवा और कैंपियरगंज में हुई चोरी का सामान बरामद किया है।

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