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gorakhpur, cm yogi, four-lane road, Bhathat 14-Apr-2026 12:57 PM

भटहट से बांस स्थान को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क का 98 प्रतिशत काम पूरा, 689 करोड 35 लाख रूपए की लागत से हुआ निर्माण

रूरल न्यूज नेटवर्क भटहट से बांसस्थान को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क का लगभग 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। भटहट कस्बे में नाली एवं कुछ अन्य काम बाकी रह गए हैं, इसी तरह बांसस्थान की ओर भी कुछ काम शेष है। 689 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क के किनारे ही प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय भी स्थित है। पिपरी में स्थित आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंच अब और आसान हो सकेगी। इस सड़क का निर्माण शुरू हुए लगभग 3 साल पूरे हो चुके हैं।

भटहट से बांसस्थान तक करीब 12 किमी लंबाई वाले इस फोरलेन सड़क पर ही प्रदेश का पहला राज्य आयुष विश्वविद्यालय स्थापित है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे आयुष विश्वविद्यालय तक जाने को स्थानीय लोगों और दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए फोरलेन की कनेक्टिविटी योगी सरकार की तरफ से नई सौगात होगी। बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सा का लाभ लेने के लोगों का आवागमन और सुगम होगा। इस फोरलेन सड़क से आयुष चिकित्सा को भी नई रफ्तार मिल जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचने की राह अब बेहद सुगम हो रही है। इसके लिए भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड तीन से मिली जानकारी के अनुसार 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर कार्य 24 मार्च 2023 को शुरू हुआ था।

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सड़क के बीच में डिवाइडर बनाने और डिवाइडर के हिस्से में पौधे लगाने का काम भी तकरीबन पूरा हो गया है। सड़क के दोनों ओर जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे यह मार्ग एक मॉडल रोड के रूप में स्थापित हो सके। सड़क निर्माण के लिए सिर्फ 300 मीटर का काम शेष है। इस माह के अंत तक सभी कार्य पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है।

जिलाधिकारी दीपक मीणा के मुताबिक भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क परियोजना न केवल रोड कनेक्टिविटी बल्कि आयुष चिकित्सा पद्धति की पहुंच को सुगम करने की महत्वपूर्ण परियोजना है। फोरलेन सड़क से स्थानीय लोगों के साथ ही जनपद बाहर से आने वाले मरीज भी आयुर्वेद और अन्य आयुष चिकित्सा पद्धतियों का लाभ लेने के लिए आसानी से आयुष विश्वविद्यालय पहुंच सकेंगे।

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