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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क।
हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका
डॉ. अनिता अग्रवाल
ने कहा कि उत्तर प्रदेश
के एटा स्थित
पटना पक्षी विहार
और गुजरात के
कच्छ जिले की छारी-ढांड
आर्द्रभूमि को रामसर
स्थल के रूप में अंतरराष्ट्रीय
मान्यता मिलना भारत
की समृद्ध जैव-विविधता और पर्यावरण
संरक्षण के प्रति
मजबूत प्रतिबद्धता का
प्रतीक है। उन्होंने
कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र और मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ की
सरकार बनने के बाद रामसर
स्थल की संख्या
बढ़ कर 98 हो
गई है जबकि
2014 तक यह सिर्फ
26 थी। उत्तर प्रदेश
में 2017 तक सिर्फ
01 रामसर साइट ऊपरी
गंगा नदी (बृजघाट
से नरोरा तक)
थी, जिसे 2005 में
यह दर्जा मिला
था, आज अकेले
उत्तर प्रदेश में
11 रामसर स्थल हैं।
चिड़ियाघर
में विश्व आद्रभूमि दिवस
2026 पर नेचर वॉक और
फिल्मोत्सव आयोजित
डॉ अनिता अग्रवाल,
विश्व आद्रभूमि दिवस
के उपलक्ष्य में
शहीद अशफाक उल्ला
खॉ प्राणि उद्यान
के सभागार में
आयोजित कार्यक्रम को
संबोधित कर रही थीं। चिड़ियाघर,
गोरखपुर वन प्रभाग
और हेरिटेज फाउंडेशन
के संयुक्त तत्वावधान
में नेचर वॉक
एवं प्रख्यात वाइल्डलाइफ
फिल्म निर्माता निर्देशक
माइक हरिगोविंद पाण्डेय
की वेटलैंड और
पक्षी विज्ञानी सालिम
अली पर फिल्मो
का प्रदर्शन छात्रों
ने देखा। डॉ
अनिता अग्रवाल ने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
के निर्देशन में
उत्तर प्रदेश जैव-विविधता के क्षेत्र
में देश का अग्रणी राज्य
बनकर उभर रहा है। एटा
को शामिल किए
जाने के बाद अब प्रदेश
में कुल 11 रामसर
स्थल हो गए हैं, इससे
उत्तर प्रदेश रामसर
स्थलों की संख्या
के मामले में
तमिलनाडु के बाद
दूसरे स्थान पर
है। ये सभी स्थल वैश्विक
स्तर पर प्रकृति
प्रेमियों और पर्यटकों
को भी आकर्षित
कर रहे हैं।
रामसर मान्यता भारत
की प्राकृतिक विरासत
को संरक्षित करने
की दिशा में
एक सशक्त कदम
है। यह आने वाली पीढ़ियों
के लिए सतत विकास का
मार्ग प्रशस्त करता
है।
डीडीयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग के 70 विद्यार्थियों
ने किया प्रतिभाग, वेटलैंड
संरक्षण का संकल्प
प्राणी उद्यान के
रेंजर गौरव वर्मा
ने बताया कि
भारत वर्ष 1971 में
ईरान के रामसर
शहर में प्रारंभ
हुए रामसर कन्वेंशन
का हस्ताक्षरकर्ता है,
जिस पर भारत ने 1 फरवरी
1982 को हस्ताक्षर किए
थे। डॉ साहिल
महफूज ने बताया
कि विशेष संरक्षण
महत्व वाली आर्द्रभूमियों
को अंतरराष्ट्रीय महत्व
की आर्द्रभूमि के
रूप में नामित
किया जाता है,
जो पर्यावरण संरक्षण
के वैश्विक ढांचे
के अंतर्गत देश
की प्रतिबद्धता को
दर्शाता है। जिला
परियोजना अधिकारी नमामी गंगे
आशीष जायसवाल स्थानीय
स्तर पर वेटलैंड
संरक्षण को लेकर चल रहे
कार्यो की जानकारी
प्रदान की। 70 की
संख्या में उपस्थित
दीन दयाल उपाध्याय
माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के
विद्यार्थियों ने कार्यक्रम
में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में हेरिटेज
फाउंडेशन के मनीष
, आशीष कुमार, रेंजर
श्याम विहारी, भारतीय
वन्यजीव संस्थान जलज
केंद्र के दीपक साहनी और
रीतेश कुमार उपस्थित
रहे।