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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। साइबर धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का एक मामला
सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी डिमांड के पीड़ित के अकाउंट में बेंगलुरु की एक
कंपनी की ओर से 1 लाख 40 हजार रुपए भेज दिए
गए। उस पर 16,100 रुपए 32 किश्त तय किया गया।
पीड़ित ने किश्त भरने में असमर्थता जताई और लोन
के रुपए वापस लेने के लिए रिक्वेस्ट किया। लेकिन ऐप पर ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।
कंपनी ने रुपए वापस लेने से इंकार कर दिया और किश्त चुकाने के लिए दबाब बनाने लगे।
आरोप है कि कंपनी की ओर से कुछ अज्ञात लोगों से
अलग- अलग नंबरों से कॉल करवाया गया। जान से मारने की धमकी दिया गया। भद्दी-भद्दी
गलियां दी गई। लोन का किश्त भरने के लिए डराया धमकाया गया।
इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद साइबर अपराध
थाने में आरोपी के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की
जांच-पड़ताल में जुट गई है और अपराधियों का पता लगाने के लिए सभी सबूत जुटाने शुरू
कर दिए हैं।
गोरखपुर के शाहपुर थाना अंतर्गत बशारतपुर के
रहने वाले श्याम किशुन को पता चला कि बेंगलुरु की एक कंपनी नवी फाइनेंश लिमिटेड से
अच्छे शर्तों ऑनलाइन लोन मिल रहा है।
कंपनी से कोई भी व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा 3 लाख 40 हजार रुपए का लोन
डिमांड कर सकता है। श्याम किशुन को यह कंपनी काम की लगी और उन्होंने इसके बारे में
विस्तार से जानकारी ली।
सभी डिटेल उन्हें ऑनलाइन ही मिले। इसके बाद 26 अक्टूबर 2023 को उन्होंने कंपनी
से 2 लाख रुपए लोन का डिमांड किया। जिसका भुगतान 8000 रुपए के 32 समान किश्तों में
करना था।
31 अक्टूबर 2023 को उनके बैंक
अकाउंट में 2 लाख के बजाय 1 लाख 40 हजार कंपनी की ओर से भेजा गया। जिसकी डिमांड
उन्होंने की ही नहीं थी। इतना ही नहीं 1 लाख 40 हजार चुकाने के 16 हजार 100 रुपए का 32 किश्त तय कर दिया
गया। जो लोन की रकम से दोगुना से बहुत ज्यादा था।
पीड़ित श्याम किशुन ने इतने रुपए चुकाने में अपनी असमर्थता जताई और लोन की
रकम वापस लेने को कहा। इस पर कंपनी की ओर से रुपए वापस नहीं लिए गए। श्याम ने ऑनलाइन इसका समाधान ढूंढना चाहा लेकिन
ऐप पर लोन रिजेक्ट करवाने का कोई ऑप्शन नहीं दिखा। आरोप है कि लोन देने वाली कंपनी
ने पहले बिना किसी डिमांड के खाते में रुपए भेजे।
उसके बाद उस पर इंट्रेस्ट रेट को बिना किसी
हिसाब के बढ़ा दिया। फिर किश्त चुकाने के लिए दबाव बनाने लगे। अलग- अलग नंबर से
लगातार पीड़ित के पास फोन करवाया। जान से मारने के धमकी देकर मानसिक रूप से
प्रताड़ित किया गया।
मामला गोरखपुर के सीजेएम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद 7 फरवरी 2026 को नवी कंपनी के डायरेक्टर और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।