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Sunday, 31st May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में एक
जून से शुरू होने वाले सौ दिवसीय TB रोगी खोजी
अभियान को इस बार व्यापक रूप दिया गया है। अभियान के दौरान नए TB मरीजों की पहचान के साथ-साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गैर संचारी रोगों से पीड़ित लोगों की
भी जांच की जाएगी।
इस संबंध में मुख्य
चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने ई-आरोग्य पाठशाला के माध्यम से जिले के सभी
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का अभिमुखीकरण
किया। कार्यक्रम में सभी MOIC, BCPM और TB विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हुए।
40 दिनों तक
चलेंगे विशेष शिविर
CMO ने बताया कि एक जून से अगले
40 दिनों तक जिले भर में 417 विशेष शिविर
लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है जो TB या गैर संचारी रोगों से पीड़ित हैं, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में नहीं आए हैं।
अभियान के माध्यम से मरीजों को समय रहते जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई
जाएगी। डॉ. झा ने कहा कि शिविरों में विशेष रूप से उच्च
जोखिम समूह के लोगों, मधुमेह मरीजों
और 30 साल से अधिक उम्र के लोगों
पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों से पहले गांवों और मोहल्लों
में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि लक्षित
वर्ग के अधिक से अधिक लोग जांच के लिए पहुंच सकें। उन्होंने ग्राम प्रधानों की
सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
हर शिविर में
होगी बीपी और शुगर की जांच
CMO ने कहा कि 30 साल से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति की रक्तचाप और मधुमेह
की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। शिविरों में TB के संभावित
मरीज मिलने पर उन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में जांच व
इलाज के लिए भेजा जाए। साथ ही लाभार्थियों का सी-बैक फॉर्म भी भरवाया जाए, ताकि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सही रिकॉर्ड तैयार हो
सके।
उन्होंने अधिकारियों को
निर्देश दिया कि गैर संचारी रोगों की जांच से जुड़े उपकरणों, दवाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पहले से
सुनिश्चित कर ली जाए। अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर सामग्री या लॉजिस्टिक्स की
कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने में सहायक शोध अधिकारी
(ARO)
भी आवश्यकतानुसार सहयोग करेंगे।
अच्छे कार्यों
को किया जाएगा सम्मानित
ई-आरोग्य पाठशाला के दौरान CMO ने CHO से अपने
क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों और अच्छे कार्यों को दस्तावेजित कर जिला स्तर
पर साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्यप्रणालियों को सम्मानित किया
जाएगा और उन्हें अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी अपनाया जाएगा। उनका कहना था कि
नियमित टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और अन्य जनस्वास्थ्य
कार्यक्रमों में भी ऐसी बेस्ट प्रैक्टिसेज को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. नंदलाल कुशवाहा, डिप्टी CMO डॉ. अश्विनी चौरसिया, DCPM रिपुंजय पांडेय, टीएम-11 के सदस्य तथा सहयोगी संस्था UPTSU के प्रतिनिधि मौजूद रहे।