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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
गोरखपुर।
मंडलायुक्त सभागार में
64वीं गीडा
बोर्ड की बैठक मंडलायुक्त अनिल ढींगरा
की अध्यक्षता में
आयोजित की गई। बैठक में
जनपद के औद्योगिक
एवं शहरी विकास
से जुड़े महत्वपूर्ण
प्रस्तावों पर चर्चा
की गई और गीडा क्षेत्र
में चल रही तथा प्रस्तावित
विकास योजनाओं की
समीक्षा की गई। बैठक में
जिलाधिकारी दीपक मीणा,
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद
वर्धन, गीडा सीईओ
अनुज मलिक, जीडीए
सचिव पुष्प राज
सिंह, गीडा ओएसडी
अनुपम मिश्रा सहित
अन्य संबंधित अधिकारी
उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान
गीडा सीईओ अनुज
मलिक ने बोर्ड
के समक्ष गीडा
की प्रगति रिपोर्ट
प्रस्तुत की। उन्होंने
बताया कि बीते कार्यकाल में गीडा
क्षेत्र में औद्योगिक
निवेश को बढ़ावा
देने के उद्देश्य
से बड़े पैमाने
पर भूमि आवंटन
किया गया है। सीईओ ने
स्पष्ट किया कि सबसे अधिक
भूमि आवंटन औद्योगिक
इकाइयों को किया गया है,
जिससे क्षेत्र में
रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों
को गति मिली
है। विभिन्न सेक्टरों
में स्थापित होने
वाली लघु, मध्यम
और बड़े उद्योगों
को प्राथमिकता के
आधार पर भू-खंड उपलब्ध
कराए गए हैं।
गीडा सीईओ ने
बताया कि औद्योगिक
इकाइयों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स,
वेयरहाउसिंग, आईटी एवं
सहायक सेवाओं से
जुड़ी परियोजनाओं को
भी भूमि आवंटित
की गई है। इससे न
केवल निवेशकों का
विश्वास बढ़ा है,
बल्कि स्थानीय युवाओं
के लिए रोजगार
के नए अवसर भी सृजित
हुए हैं। उन्होंने
यह भी जानकारी
दी कि गीडा क्षेत्र में आधारभूत
सुविधाओं—सड़क, जलापूर्ति,
विद्युत, ड्रेनेज और सुरक्षा
व्यवस्था—को लगातार
मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में मंडलायुक्त
अनिल ढींगरा ने
अधिकारियों को निर्देश
दिए कि भूमि आवंटन की
प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध
रहे। साथ ही यह सुनिश्चित
किया जाए कि आवंटित भूमि
पर निर्धारित समयसीमा
के भीतर औद्योगिक
गतिविधियां शुरू हों।
जिलाधिकारी दीपक मीणा
ने गीडा क्षेत्र
के समग्र विकास
पर जोर देते
हुए कहा कि उद्योगों के साथ-साथ श्रमिकों
और आमजन की सुविधाओं का भी ध्यान रखा
जाए।
बोर्ड बैठक में
भविष्य की कार्ययोजनाओं,
नए निवेश प्रस्तावों
और गीडा को औद्योगिक हब के रूप में
विकसित करने की रणनीति पर
भी चर्चा हुई।
अंत में अध्यक्ष
द्वारा अधिकारियों को
आपसी समन्वय के
साथ कार्य करते
हुए गोरखपुर को
औद्योगिक दृष्टि से
मजबूत बनाने के
निर्देश दिए।