Default Left Ad
Default Right Ad
Default left Ad
Default right Ad
• gorakhpur, cm yogi, regulator, flood • गोरखपुर / चरगांवा • 27-05-2026

8 रेग्युलेटर शहरवारिसों को बाढ़ से बचाएंगे, 50 साल पुराने के स्थान पर नए हो रहे स्थापित

रूरल न्यूज नेटवर्क गोरखपुर में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तैयारी चल रही है। राप्ती नदी के किनारे हर्बर्ट बांध पर 8 रेग्युलेटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर राप्ती नदी की बाढ़ से शहरवासियों को सुरक्षित करने के लिए हर्बर्ट तटबंध को फोरलेन में विकसित किया जा रहा है। यहीं 50 साल पुराने रेग्युलेटरों को बदलकर 30 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से नए रेग्युलेटर बनाए जा रहे हैं।

गोरखपुर में राप्ती नदी के बाएं तट पर ब्रिटिश काल में बने 3.9 किलोमीटर लंबे हाबर्ट तटबंध का चौड़ीकरण किया जा रहा है। पहले इस तटबंध के शीर्ष की चौड़ाई 7 मीटर थी। जिसे PWD द्वारा फोरलेन सड़क के रूप में विकसित करते हुए 25 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। दूसरी ओर इस तटबंध पर सिंचाई विभाग ने पुराने रेग्युलेटरों की जगह नए रेग्युलेटरों का पुनर्निर्माण करा दिया है। सभी 8 रेग्युलेटरों के नालों पर आधुनिक ‘ट्रेस रैक’ भी लगाए जाएंगे। मजबूत लोहे की जालियों वाले ट्रेस रैक लग जाने से ठोस कचरा सीधे नदी में नहीं जा पाएगा। नालों के रास्ते बहकर आने वाले मृत पशु भी ट्रेस रैक पर ही रुक जाएंगे। इससे नदी को प्रदूषित होने से भी बचाया जा सकेगा।

इन 8 रेग्युलेटर का नए सिरे से निर्माण

 डोमिनगढ़, बहरामपुर, इलाहीबाग, मिर्जापुर, बसंतपुर नरकटिया, घसियारी, हांसूपुर राजघाट और ट्रांसपोर्टनगर स्थित सभी 8 रेग्युलेटरों का सिविल कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही रेग्युलेटर पर गेट लगाने का यांत्रिक कार्य भी करा लिया गया है।

 

Image Source Here...

ड्रेनेज खंड (सिंचाई विभाग) के अधिशासी अभियंता आनंद गौतम ने बताया कि बाक्स ड्रेन बना कर हर्बर्ट बांध फोरलेन पर नए सिरे से रेग्युलेटर का निर्माण किया गया है। इस परियोजना से बारिश और बाढ़ के दौरान जलनिकासी की समस्या से शहर को बड़ी राहत मिलेगी और बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत होगी। रेग्युलेटर के गेट सिंचाई विभाग के कार्यशाला खंड की तरफ से लगाए गए हैं।

Static Fallback middleAd2 Ad

अपने ज़िले और उसके गांवों की खबरें जानने के, लिए जुड़े हमसे अभी

×