• gorakhpur, cm yogi, City Super Specialty Hospital
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गोरखपुर / चरगांवा
• 06-06-2026
7 वर्षीय बच्ची के पेट से निकला बालों का विशाल गुच्छा, सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सर्जरी कर बचाई गई मासूम की जिंदगी
रूरल न्यूज नेटवर्क।अक्सर बच्चे अनजाने में कई ऐसी
आदतें विकसित कर लेते हैं जिन्हें परिवार वाले सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते
हैं। लेकिन यही आदत कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसा ही एक दुर्लभ और
चौंकाने वाला मामला सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, गोरखपुर में सामने आया, जहां 7 वर्षीय बच्ची के पेट से सर्जरी के माध्यम से बालों का एक विशाल गुच्छा (Hair
Bezoar) निकाला गया।
बच्ची को कई महीनों से लगातार पेट
दर्द, उल्टी, भूख न लगना, कमजोरी और वजन कम होने
जैसी समस्याएं थीं। परिजन उसे सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. रविकेश द्विवेदी द्वारा की गई विस्तृत जांच
में एक बेहद दुर्लभ और गंभीर कारण सामने आया। जांच में पता चला कि बच्ची के पेट
में बड़ी मात्रा में बाल जमा होकर एक विशाल ठोस गुच्छे का रूप ले चुके थे, जिसने पेट और आंतों में भोजन के सामान्य मार्ग को बाधित कर दिया था।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए
वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. रविकेश द्विवेदी एवं उनकी टीम ने तत्काल ऑपरेशन का
निर्णय लिया। सफल सर्जरी के दौरान बच्ची के पेट में चीरा लगाकर बालों के विशाल
गुच्छे को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास
नारायण सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित एवं सफल
बनाया।
सर्जरी के बाद बच्ची की स्थिति
पूरी तरह स्थिर है तथा वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार समय
रहते सही निदान और उपचार न मिलने पर यह स्थिति आंतों में अवरोध, संक्रमण, कुपोषण और यहां तक कि
जान के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती थी।
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इस संबंध में डॉ. रविकेश द्विवेदी
ने बताया कि कुछ बच्चों में बाल खाने की आदत (Trichophagia)
विकसित हो जाती है। लंबे समय तक बाल खाने से वे पेट में जमा होते रहते हैं और
धीरे-धीरे एक बड़े गुच्छे का रूप ले लेते हैं, जिसे चिकित्सकीय भाषा में हेयर बेज़ोआर (Hair Bezoar) कहा जाता है। यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें कई बार सर्जरी ही एकमात्र उपचार होता है।
सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के
निदेशक डॉ. ए. के. मल्ल ने इस सफल सर्जरी के लिए पूरी मेडिकल टीम को बधाई देते हुए
कहा कि अस्पताल अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और
समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से जटिल से जटिल चिकित्सा चुनौतियों का
सफलतापूर्वक उपचार कर रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की
असामान्य आदतों, बार-बार पेट दर्द, भूख में कमी या वजन घटने जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें और समय रहते
विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।
विशेष संदेश
“बाल
खाने की आदत कोई मासूम शरारत नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती
है। समय पर पहचान और उपचार से ही ऐसी जटिल स्थितियों से बचा जा सकता है।”
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