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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखनाथ इलाके में ब्लैकमेलिंग से परेशान 3 बच्चों के पिता ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। इससे पहले 5 लोगों को मौत का जिम्मेदार बताते हुए, एक लेटर भी लिखा था। जिसके आधार पर पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सभी आरोपी
मृतक सुरेंद्र सिंह (50) की कालोनी विकास के ही रहने वाले हैं। सुरेंद्र सिंह ने अपने
लेटर में विकास नगर कालोनी के राजेश जायसवाल, राजकुमार यादव, उमेश जायसवाल, दिनेश जायसवाल
और अनिल चौहान पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। सुसाइड की घटना 1 फरवरी को हुई थी।
मृतक के बेटे अविनाश सिंह की तहरीर पर रविवार शाम एफआईआर दर्ज कर गोरखनाथ पुलिस जांच
पड़ताल कर रही है। आरोप है कि आरोपियों ने एआई से गंदा वीडियो बनाया था। जिसे दिखाकर
ब्लैकमेल करते थे।
विकास नगर निवासी अविनाश
सिंह ने तहरीर देते हुए बताया कि मेरी कालोनी में रहने वाले राजेश जायसवाल, राजकुमार
यादव, उमेश जायसवाल, दिनेश जायसवाल और अनिल चौहान आपराधिक प्रवृत्ति के हैं।
सभी आरोपी साजिश कर मेरे
पिता सुरेंद्र सिंह को काफी समय से प्रताड़ित कर रहे हैं। ये लोग मेरा मकान हड़पना चाहते
हैं। इसलिए इन लोगों ने मेरे पिता का एआई से अश्लील वीडियो बनाया था। जिसके जरिए उन्हें
लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे।
01 फरवरी 2026 को शाम
करीब 6 बजे ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर मेरे पिता ने घर में ही फंदा लगाकर सुसाइड कर
लिया। इसके बाद हमलोगों ने गोरखनाथ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर जांच पड़ताल की।
इसके बाद मेरे पिता के पास से एक लेटर मिला था। जिसमे सभी आरोपियों को मौत का जिम्मेदार
बताया था। पुलिस ने लेटर अपने कब्जे में ले लिया है। कई बार सभी आरोपी मिलकर मेरे पिता
को पीट भी चुके हैं। लगातार प्रताड़ना से वह तंग आ गए थे।
एक महीने पहले लिखा
था लेटर
पुलिस की जांच में सामने
आया है कि सुरेंद्र सिंह के पास से मिला लेटर एक माह पुराना है। वह काफी दिनों से लेटर
लिखकर अपने पास रखे थे। लेकिन कहीं भी शिकायत नहीं किए थे। आए दिन आरोपी इनके पास आकर
मिलते थे।
नेपाल जेल में बंद
बेटे को छुड़ाने में हो गए कर्जदार
सुरेंद्र सिंह फर्टिलाइजर
में एक धागे की फैक्ट्री में मुनीम हैं। इनके 3 बेटे अभिषेक सिंह, अविनाश सिंह और आकाश
सिंह हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। इसमे से एक बेटा एक साल पहले नेपाल में चोरी के
केस में पकड़ा गया था। इसके बाद से ही वह नेपाल की जेल में बंद है।
सूत्रों की मानें तो
नेपाल में बंद बेटे को छुड़ाने के चक्कर में वह कई लोगों से कर्ज ले लिए थे। इसलिए आए
दिन पैसा मांगने वाले घर पर आते थे। कई बार नोक झोंक भी होती थी। सुरेंद्र सिंह की
मौत के मामले में आरोपी बने 5 युवकों से भी सुरेंद्र सिंह ने पैसे लिए थे। आर्थिक परेशानी
की वजह से वह दे नहीं पा रहे थे। इसलिए आरोपी किसी भी तरह मकान हथियाना चाह रहे थे।
मकान अपने नाम लिखवाने का लगातार सुरेंद्र सिंह पर दबाव बनाया जा रहा था। कर्ज लेने
की वजह से ही सुरेंद्र सिंह कहीं भी शिकायत नहीं कर पा रहे थे।
इस संबंध में गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे जांच कर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।