Default left Ad
Default right Ad
gorakhpur, cm yogi, floating wetland 25-May-2026 12:55 PM

रामगढ़ताल में फ्लोटिंग वेटलैंड बनेगा, GDA की नई पहल से पानी होगा साफ, हरियाली बढ़ेगी


रूरल न्यूज नेटवर्क रामगढ़ताल को साफ-सुथरा और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक नई पहल शुरू की है। अब ताल के एक हिस्से में “फ्लोटिंग वेटलैंड” विकसित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ताल के पानी की गुणवत्ता सुधारना, हरियाली बढ़ाना और पक्षियों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण तैयार करना है।

Image Source Here...

दरअसल, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने 18 मई को रामगढ़ताल और ताल रिंग रोड क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आई थीं। कुछ स्थानों पर गंदगी, जल प्रदूषण और रखरखाव से जुड़ी समस्याएं मिलीं। इसके बाद अधिकारियों ने ताल के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए फ्लोटिंग वेटलैंड विकसित करने का फैसला लिया। फ्लोटिंग वेटलैंड पानी की सतह पर तैरने वाला एक विशेष हरित प्लेटफॉर्म होता है, जिस पर विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाते हैं। ये पौधे पानी में मौजूद गंदगी और हानिकारक तत्वों को प्राकृतिक तरीके से कम करने में मदद करते हैं। इससे पानी साफ होता है और जलाशय का पर्यावरण संतुलित बना रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से पानी में ऑक्सीजन का स्तर भी बेहतर होता है, जिससे जलीय जीवों को फायदा मिलता है। साथ ही यह क्षेत्र प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के लिए सुरक्षित व आकर्षक आवास के रूप में विकसित हो सकता है।

पर्यावरण और पर्यटन दोनों को मिलेगा लाभ

रामगढ़ताल पहले से ही गोरखपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं। फ्लोटिंग वेटलैंड बनने से ताल की सुंदरता और बढ़ेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जीडीए का मानना है कि यह पहल शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आने वाले समय में ताल क्षेत्र में स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के लिए अन्य योजनाओं पर भी काम किया जा सकता है।

Static Fallback middleAd2 Ad

अपने ज़िले और उसके गांवों की खबरें जानने के, लिए जुड़े हमसे अभी

×