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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। मॉर्निंग वॉक
पर निकले भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या कर दी गई। चार बदमाशों ने घर से 500
मीटर दूर
उन्हें घेर लिया। सिर, सीने और चेहरे पर 20-25 बार वार किए। घायल होने के
बाद राजकुमार चौहान करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर फिर हमला किया।
हमलावर कुछ देर
तक वहीं रुके रहे और उनके मरने का इंतजार करते रहे। तसल्ली होने के बाद वहां से
भाग गए। घटना चिलुआताल थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे हुई। यहां
से गोरखनाथ मंदिर की दूरी करीब 5 किमी है।
पति की मौत की
सूचना पर पहुंचीं पत्नी सुशीला रोते-रोते बेहोश हो गईं। राजकुमार की बहन मोहनी ने
कहा, जान के बदले जान चाहिए।
परिवार कौन चलाएगा? भतीजी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।
घटना के बाद 500
से ज्यादा लोग
जुट गए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर 10 थानों की फोर्स
पहुंची और लोगों को लाठी फटकार कर हटाया। बताया जा रहा है कि ओबीसी समुदाय से आने
वाले राजकुमार (42) 2027 का बस्ती से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह
भाजपा से टिकट मांग कर रहे थे। उन्हें राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल का करीबी
माना जाता था। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
घर से निकलने के 30 मिनट बाद हत्या
बरगदवा इलाके
के रहने वाले जंगी चौहान के राजकुमार चौहान इकलौते बेटे थे। उनकी 18 साल पहले शादी
हुई थी। उनकी दो बेटियां सोनम (17) और प्रियंका (13) हैं, जबकि 12 साल का एक बेटा युवराज है। उनकी चार बहनें हैं,
जिनकी शादी हो
चुकी है।
राजकुमार 2018
से 2023
तक पार्षद
प्रतिनिधि रहे। उन्होंने अपने ड्राइवर वीरेंद्र चौहान की पत्नी रिंकी देवी को
पार्षद बनवाया था। बाद में रिंकी देवी ने भाजपा को समर्थन दे दिया था। एक साल पहले
राजकुमार मारपीट के मामले में जेल भी गए थे। परिजनों के मुताबिक, राजकुमार हर दिन मॉर्निंग
वॉक पर जाते थे। आज सुबह 5 बजे घर से निकले थे। 30 मिनट बाद पता चला कि उनकी
हत्या हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चार हमलावर पैदल पहुंचे और अचानक पीछे से राजकुमार को घेर लिया। जब तक वह कुछ समझ पाते, उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने के बाद वे खुद को बचाकर भागे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। उन्होंने बताया, 100 मीटर दूर पकड़कर उन पर ताबड़तोड़ वार किए। सूचना मिलते ही परिजन पहुंचे और उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर गाड़ी कुछ दूरी पर खड़ी कर पैदल घटनास्थल पर पहुंचे थे।
वारदात के बाद
पत्नी सुशीला देवी रोते हुए मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा, गांव में दुश्मनी थी। एक बार झूठा फंसा दिया था, एक महीने की
जेल काटकर आए थे। रंजिश में उनकी हत्या कर दी। पुलिसकर्मी कुछ बता नहीं रहे हैं,
सिर्फ मुकदमा
लिखवाने की बात कर रहे हैं। आरोपियों ने उनके पति की चेन भी लूट ली।
इसी बीच,
पार्षद के
समर्थक और आसपास के लोग जुट गए। भीड़ ने हंगामा करते हुए सड़क जाम कर दी। पत्नी
सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगीं। वह रोते-रोते बेहोश होकर गिर गईं। परिवार वालों
ने पानी के छींटे मारकर उन्हें होश में लाया।
भीड़ ने सड़क जाम की, पुलिस ने जाम खुलवाया
वारदात के बाद 500 से ज्यादा लोगों ने सोनौली मार्ग जाम कर दिया। भीड़ पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। इसके बाद 10 से ज्यादा थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक समझाया, लेकिन परिवार वाले जाम खोलने पर राजी नहीं हुए। उन्होंने कहा-जब तक डीएम नहीं आते, तब तक जाम नहीं खोलेंगे। प्रदर्शन के चलते लंबा जाम लग गया। इसे देखते हुए पुलिस ने लाठी फटकरकर लोगों को हटाया।