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Tuesday, 16th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर के प्रसिद्ध मुक्तेश्वर नाथ मंदिर में
सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान
शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए तड़के से ही भक्त मंदिर पहुंचने लगे। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही पूजा-अर्चना
का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल
अर्पित कर भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली और जल लेकर कतारों में खड़े नजर आए। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और
बच्चों ने बारी-बारी से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ और
‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। कई श्रद्धालुओं ने विशेष
पूजा और रुद्राभिषेक भी कराया।
पूजा का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं
के अनुसार, सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती
अमावस्या कहा जाता है और इसे भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा के साथ शिव आराधना करने से जीवन में सुख-शांति आती
है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में
भक्त मुक्तेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ के सामने अपनी मनोकामनाएं रखीं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और
आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था संभालते रहे।
दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए
बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को कतार के माध्यम से मंदिर में प्रवेश कराया गया।
भक्तों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर व्यवस्था में सहयोग किया।
दिनभर चला पूजा-पाठ-भजन-कीर्तन
सोमवती अमावस्या को लेकर मंदिर परिसर में सुबह से शाम तक धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई। वहीं भजन-कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण कर मंदिर से लौटे।