निषाद आरक्षण के लिए खून से लिखा पत्र, समाज के लोगों में नाराजगी, पत्र सीएम-पीएम को भेजा
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर में
निषाद समाज को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार
तेज होता जा रहा है। डॉ. बीआर अंबेडकर चौराहे पर जारी निषाद युवा वाहिनी के अनशन
में प्रदर्शनकारियों का गुस्सा देखने को मिला। समाज के लोगों ने खून से पत्र लिखकर
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन
भेजा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब समाज आश्वासन नहीं, फैसला चाहता है।
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संजय निषाद पर
लगाए गंभीर आरोप
अनशन में शामिल लोगों ने
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के नाम पर भरोसा
दिलाया गया था। समाज से कहा गया था कि सत्ता में भागीदारी मिलते ही सबसे पहले
आरक्षण की मांग पूरी कराई जाएगी।प्रदर्शनकारियों
ने कहा कि आज सरकार में कैबिनेट मंत्री जैसा बड़ा पद मिलने के बावजूद निषाद समाज
की वर्षों पुरानी मांग अधूरी है। जिस आरक्षण के मुद्दे पर समाज को एकजुट किया गया
था,
वही मुद्दा आज भी अधूरा पड़ा है।
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चुनाव में किए वादे समाज
नहीं भूलेगा
आंदोलनकारियों ने कहा कि
निषाद समाज ने अपने अधिकारों की उम्मीद में भरोसा किया था, लेकिन अब समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने
चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में समाज अपने मुद्दों और किए गए वादों को
याद रखेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निषाद समाज अब किसी आश्वासन के इंतजार में
नहीं रहेगा। जब तक मांग पूरी नहीं होती, संघर्ष जारी
रहेगा।
पहले भी मिला था भरोसा
निषाद युवा वाहिनी के शील
चंद साहनी (एडवोकेट) ने कहा कि केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, बाथम और धीवर सहित निषाद समाज की उपजातियों को
अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग वर्षों पुरानी है। दिल्ली और
पश्चिम बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी यह व्यवस्था लागू की जाए।