नौसड़ से पैडलेगंज तक लगा भीषण जाम, घंटों रेंगती रहीं गाड़ियां, 10 मिनट का सफर 2 घंटे में तय
रूरल न्यूज नेटवर्क।शहर में बुधवार को सुबह से ही सड़कों पर भीषण जाम लग गया।
नौसड़ से पैडलेगंज तक आने वाली और पैडोलगंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक जाने वाली दोनों
लेन पर गाड़ियां रेंगते नजर आईं। पहले लोगों को सीधे नौसड़ से पेडलेगंज तक आने में 10 मिनट लगता था।लेकिन जाम की वजह से आज लोग वही दूरी 1-2 घंटे में पूरी हो रही है।
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नौसड़ की तरफ़ से कुछ यात्री पैदल शहर की तरफ
आते भी दिखाई दिए दैनिक भास्कर से बात करते हुए लोगों ने बताया कि- मेरी बस वहीं
तक आई जिसके वजह से मुझे पैदल आना पड़ रहा है। ऑटो या रिक्शा पकड़ूंगा तो हॉस्पिटल
के लिए देर हो जाएगी।
राजघाट पुल पर मरम्मत कार्य शुरू होने के कारण
प्रशासन ने भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं, ताकि जाम की समस्या से बचा जा सके। ट्रांसपोर्ट
नगर से लेकर नौसड़ तक हर 100 मीटर की दूरी पर
पुलिस बल तैनात है। जो लगातार जाम खुलवाने में लगी हुई है।राजघाट के पुराने पुल पर 2 लेन में से एक लेन
की सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस पुल के कुछ गाड़ियों को बगल वाले पुल पर
भेजा जा रहा। जिसके वजह से जाम लग रहा है।
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भारी वाहनों के लिए
बदला गया रूट
नई व्यवस्था के अनुसार बस, ट्रक, टैंकर जैसे भारी
वाहनों को अब शहर में सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। इन वाहनों को बाघागाड़ा से
कुशीनगर-लखनऊ हाईवे की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। वहां से ये वाहन करजहां होते
हुए देवरिया बाईपास के रास्ते शहर की ओर जाएंगे। इससे राजघाट पुल पर दबाव कम करने
की कोशिश की जा रही है।
कार, बाइक, ऑटो जैसे हल्के वाहनों को राजघाट पुल से गुजरने
की अनुमति दी गई है, लेकिन वे केवल एक ही लेन से जा सकेंगे। नौसड़
की ओर से आने वाले वाहनों के लिए आधी सड़क बंद कर दी गई है और बैरिकेडिंग कर दी गई
है। इससे ट्रैफिक नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
मरम्मत कार्य की
वजह और अवधि
राजघाट पुल राप्ती नदी पर बना करीब 61 साल पुराना पुल है, जिसका निर्माण 1965 में
हुआ था। समय के साथ इसमें दरारें आ गईं और बेयरिंग भी कमजोर हो गईं। जांच के बाद
लोक निर्माण विभाग ने इसकी मरम्मत का फैसला लिया।मरम्मत के दौरान पुल की एक लेन की ऊपरी सतह को खोदकर
जॉइंट और बेयरिंग बदली जा रही हैं। यह काम लगभग 40 दिनों तक चलेगा।