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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। एम्स में एक गर्भवती महिला
में दुर्लभ ए3 रक्त उपसमूह की पहचान की गई
है। महिला का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसके परिजन रक्त की तलाश में
रविवार को एम्स पहुंचे थे। ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के फैकल्टी इंचार्ज डॉ.
सौरभ मूर्ति ने बताया कि ए उपसमूह में लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर ए एंटीजन की
अभिव्यक्ति सामान्य ए रक्त समूह की तुलना में कम होती है। इस कारण सामान्य रक्त समूह परीक्षण में विसंगति दिख सकती है, और सही पहचान के लिए विस्तृत सेरोलॉजिकल परीक्षण आवश्यक
होता है।
यह उपसमूह अत्यंत दुर्लभ माना जाता है, जो लगभग 33 हजार लोगों में से किसी एक में पाया जाता है। जिस गर्भवती महिला का रक्त था, उसमें एंटी ए1 एंटीबॉडी भी मिली, जो चार डिग्री सेंटीग्रेड पर रिएक्टिव थी। डॉ. मूर्ति ने बताया कि रक्त आधान की सुरक्षा के लिए यह तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है।
एंटी ए1
की उपस्थिति के
कारण ऐसे मामलों में ओ समूह का रक्त चढ़ाने की सलाह दी जाती है। इस दुर्लभ रक्त उपसमूह की पहचान करने वाली टीम
में सीनियर रेजिडेंट डॉ. मोनिशा, डॉ. निरंजन और
जूनियर रेजिडेंट डॉ. पर्षा शामिल थे।