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gorakhpur, cm yogi, cold day, raid , Chiluatal , police, station 24-Jan-2026 05:04 PM

चिलुआताल थाना क्षेत्र में काल सेंटर पर छापा, गोरखपुर में बैठकर अमेरिका के लोगों से ठगी, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा, 4 फरार

रूरल न्यूज नेटवर्क गोरखपुर में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था। मामला गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर इलाके का है। यहां ‘ग्लोब एक्स्ट्रा’ नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो छापा मारकर कुल 6 लोगों को मौके से पकड़ा गया। वैसे उस दौरान वहाँ कुल 16 लोग थे।

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शुरुआती जांच में सामने आया कि इनमें से 10 युवक ऐसे थे जिन्हें यह नहीं पता था कि वे किसी ठगी का हिस्सा हैं, जबकि 6 लोग इस पूरे खेल को चला रहे थे। पुलिस ने उन 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह कॉल सेंटर के नाम पर पहले लड़के-लड़कियों का इंटरव्यू लेता था।

जिनकी इंग्लिश ठीक-ठाक होती थी, उन्हें नौकरी पर रख लिया जाता था। उन्हें बताया जाता था कि यह एक सामान्य कॉलिंग जॉब है। सैलरी 10 से 12 हजार रुपये तय की जाती थी। काम सिर्फ इतना बताया जाता था कि एक इंग्लिश स्क्रिप्ट पढ़कर अमेरिका के लोगों से बात करनी है।

अमेरिकी नाम लेकर करते थे कॉल

कॉल करते समय युवक अपना असली नाम नहीं बताते थे। वे खुद को जॉर्ज, जॉन, क्लार्क, लेविस जैसे अमेरिकी नामों से पेश करते थे।

रोजाना करीब 1000 से ज्यादा अमेरिकियों को कॉल करने की कोशिश की जाती थी। इनमें से लगभग 20-30 लोग इनके झांसे में आ जाते थे। जिन अमेरिकी नागरिकों से बात बन जाती थी, उनकी पूरी जानकारी सुपरवाइजर के जरिए अमेरिका में मौजूद एक निजी कंपनी (Evolvetech innovation LCC, 2. Advance Gro media LLC) को भेज दी जाती थी।

वहां से उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस और दूसरी योजनाओं का लालच देकर ठगा जाता था। इस ठगी से जो पैसा मिलता था, उसका 1 से 2 प्रतिशत कमीशन गोरखपुर के एजेंटों को भेजा जाता था। गोरखपुर एजेंट को एक क्लाइंट से करीब 15 से 20 डॉलर की कमाई होती थी। इस तरह गिरोह की रोजाना की कमाई 50 हजार रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। पुलिस की कार्रवाई पुलिस का कहना है कि जिन 10 युवकों को इस फ्रॉड की जानकारी नहीं थी, उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं जिन 6 लोगों ने जानबूझकर इस फर्जी कॉल सेंटर को चलाया, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क और कहां-कहां फैला हुआ है।

नाम बदलकर करते थे विदेशी नागरिकों से बात

हर मंजिल पर लैपटॉप, हेडफोन और इंटरनेट कनेक्शन लगाए गए थे। वहां बैठकर लड़के-लड़कियां विदेशी नागरिकों को कॉल करते थे और खुद को अमेरिका की कंपनियों का प्रतिनिधि बताते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कॉल करने वाले एजेंट अपना असली नाम छुपा लेते थे। इसके बदले में वो खुद का जॉन, जॉर्ज, लेविस, क्लार्क जैसे विदेशी नामों का इस्तेमाल करते थे।

उनके पास पहले से लिखी हुई स्क्रिप्ट होती थी, जिसके जरिए वे अमेरिका में मिलने वाली इंश्योरेंस योजनाओं और सरकारी सब्सिडी का झांसा देते थे। जब कोई विदेशी नागरिक उनकी बातों में आ जाता था, तो उसकी कॉल को अमेरिका की कुछ निजी कंपनियों (Evolvetech innovation LCC, 2. Advance Gro media LLC)) को फॉरवर्ड कर दिया जाता था। वहीं से ठगी की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाती थी।

ठगी की रकम का मिलता था हिस्सा

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ठगी से जो पैसा वसूला जाता था, उसका एक हिस्सा उन्हें कमीशन के रूप में मिलता था। इसी लालच में वे लंबे समय से इस अवैध काम को अंजाम दे रहे थे। बरामद हुआ भारी मात्रा में सामान पुलिस ने मौके से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 28 लैपटॉप, 37 हेडफोन, 2 राउटर, 7 मोबाइल फोन, 17 माउस, 22 लैपटॉप चार्जर, 6 चेकबुक, 3 पासबुक, 1 पासपोर्ट, 1 आधार कार्ड बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की लिस्ट

  • रूपेश सिंह (पश्चिम बंगाल निवासी)
  • अभिषेक पाण्डेय (कोलकाता निवासी)
  • हर्ष आर्या (गोरखपुर निवासी)
  • सूरज कुमार तिवारी (बलरामपुर निवासी)
  • अश्वनी कुमार मौर्या (बलरामपुर निवासी)
  • शलोनी यादव (लखनऊ निवासी)

इनमें से रूपेश और अभिषेक के खिलाफ पहले भी साइबर ठगी के मामले दर्ज पाए गए हैं।

चार आरोपी अभी फरार

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े 4 अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में थाना चिलुआताल में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी से कितनी रकम हासिल की गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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