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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज़ नेटवर्क, गोरखपुर। भारत में यूं तो सदियों से हिन्दू-मुस्लिम
एकता और भाईचारे का पैगाम संगम के रूप में स्थापित है। यही पैगाम, श्रद्धा, आस्था और
भाईचारे का संगम जाफरा बाजार स्थित हजरत बाबा सैयद गाजी मोमिन शीश अली शाह रहमतुल्लाह
अलैह शीश महल दरगाह पर देखने को मिला। सोनकर परिवार में बच्ची पैदा होने की खुशी में
मन्नत उतारने के लिए शीश महल दरगाह पर चादर और गागर अर्पित कर अनूठी मिसाल पेश की।
शीश महल दरगाह में श्रद्धा, आस्था और विश्वास की एक बेहद भावुक कर देने वाला मंजर बेनीगंज
की रहने वाली मोनी सोनकर ने मय कव्वाली के साथ अपनी बेटी रुसी और अनन्या को लेकर शीश
महल दरगाह पर मन्नत पूरी होने पर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
इस मौके पर मोनी सोनकर ने कहा कि बाबा के दर से मेरी मुराद पूरी हुई है, मैं मन्नत के रस्म को शीश महल दरगाह पर निभाने आई हूं। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से मांगी गयी मुराद जरुर पूरी होती है। क्योंकि अल्लाह, ईश्वर हर जगह मौजूद होते हैं। इस महिला की मुराद पूरी होने पर कहा कि बाबा में अटूट श्रद्धा है, बाबा की कृपा से ही बच्ची की प्राप्ति हुई है, दुआ मांगी थी जो पूरी हुई है।
इस मौके पर शीश महल दरगाह
के व्यवस्थापक/गददीनशीन सज्जाद अली रहमानी ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व मोनी सोनकर ने
बच्ची पाने की मुराद शीश महल दरगाह से मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर उसने बड़े ही अकीदत
और महफिल -ए- शमा (कव्वाली) के साथ मजार शरीफ पर चादर व गागर पेश की। इस मौके पर शीश
महल दरगाह के गद्दीनशीन सज्जाद अली रहमानी ने मोनी सोनकर को चादर भेंटकर सम्मानित किया
गया। साथ ही अकीदतमंदों में शिरनी (प्रसाद) का वितरण किया गया। साथ ही भाईचारे और मुल्क
की तरक्की की दुआएं मांगी गयी।
इस मौके पर समाजिक योद्धा मुर्तजा हुसैन रहमानी, अय्यूब अंसारी, अहद, अल्तमश, मोनी सोनकर की दोनों बेटियां रूसी, अनन्या के साथ ही शिव देवी, सोनू, रानी सोनकर, रोशन, जॉनी, उला देवी सुमन, सचिन, संकेत, रमेश, सीमा देवी, रचित, सुजाता, अरशु, लड्डू, रवि, गुड़िया, अनिल, परी, एंजल, पूजा, अनमोल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।