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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में एक महिला ने खुद को पत्नी बताकर कथित तौर पर 18.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोप है कि उसने बैंक एफडी और नकदी हड़प ली, साथ ही संपत्ति पर भी कब्जा करने का प्रयास किया। पीड़ित की शिकायत पर सुनवाई न होने के बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर कैंट थाना पुलिस ने महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
खोराबार
क्षेत्र के रानीडीहा निवासी राजीव रंजन सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में
बताया कि उनके पिता शिवाकांत सिंह और माता बबिता सिंह का वर्ष 2016 में तलाक हो गया था। इसके बाद देवरिया के एकौना थाना निवासी
रीमा सिंह खुद को उनके पिता शिवाकांत की पत्नी बताकर उनकी चल और अचल संपत्तियों पर
दावा कर रही है।
राजीव रंजन
सिंह के अनुसार, रीमा ने गोला तहसील में
वरासत का मुकदमा दाखिल कर मौजा धौबौली स्थित जमीन पर अपना नाम दर्ज कराने का
प्रयास किया, जिसका मामला न्यायालय में
विचाराधीन है। इस बीच, रीमा सिंह ने
हीरालाल मल्ल, उसके भाई बलराम, जीजा नर्वदे और नंदू के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी
शपथपत्र और दस्तावेज तैयार किए।
इन फर्जी
दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने केनरा बैंक, बड़हलगंज शाखा
से लगभग छह लाख रुपये की एफडी और 35 हजार रुपये नकद
निकाल लिए। इसके अतिरिक्त, पूर्वांचल
ग्रामीण बैंक से भी करीब 12 लाख रुपये की
एफडी और 45 हजार रुपये नकद हड़प लिए
गए। अब सभी आरोपी मिलकर राजीव के पिता की अचल संपत्तियों पर भी कब्जा करने की
साजिश रच रहे हैं।
राजीव रंजन सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी रीमा सिंह शादीशुदा है और हीरालाल मल्ल उर्फ दीनानाथ उसके पति हैं। बिना तलाक लिए वह अन्य लोगों से विवाह का दावा कर रही है। आरोप है कि रीमा एक मृत व्यक्ति की विधवा बनकर सरकार से विधवा पेंशन भी ले रही है। राजीव ने बताया कि शिकायत की जानकारी होने पर आरोपियों ने 14 जून 2025 को उन्हें एमएमयूटी के पास समझौते के लिए बुलाया था, जहां उन्हें धमकी दी गई और अपशब्द कहे गए।