गुलरिहा थाना क्षेत्र में युवक ने किया सुसाइड, नोट में देवरिया के बीएसए अधिकारी और क्लर्क को जिम्मेदार ठहराया
Image Source Here...रूरल न्यूज नेटवर्क।'मेरा 16
लाख रुपया डूब
चुका है। बहुत परेशान हूं। पॉकिट में सुसाइड नोट है, उसे आप लोग पढ़
लीजिएगा…प्लीज। मैं मरना नहीं चाहता हूं। मैं बच्चों और पत्नी के लिए जीना चाहता
हूं। एक पिता बच्चों के लिए क्या होता है, मुझे मालूम है, लेकिन मैं मजबूर हूं।मम्मी-पापा, भइया- भाभी मुझे माफ
कीजिएगा। नौकरी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए था। काश! मैंने यह पैसा बिजनेस में
लगाया होता। मेरी मौत के जिम्मेदार बीएसए ऑफिस देवरिया के क्लर्क और अधिकारी हैं।'
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यह बात गोरखपुर
में सुसाइड से पहले टीचर ने वीडियो बनाकर कही। जेब में 4 पेज का सुसाइड नोट रखकर
कमरे फंदे से लटककर जान दे दी। कमरे में कोई हलचल नहीं होने पर परिवार के लोगों ने
दरवाजा तोड़ा तो देखा डेडबॉडी पंखे से लटक रही है। सूचना पर पुलिस पहुंची। घटना
गुलरिहा थाना क्षेत्र की है।
कुशीनगर
जिले रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह (37) गोरखपुर के गुलरिहा में अपने बड़े भाई अवधेश
सिंह के घर पर परिवार के साथ रहते थे। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे।
बड़े भैया विदेश में रहते हैं। छोटा भाई भी साथ ही पर रहता है।
कृष्ण
मोहन सिंह के दो बच्चे हैं। बेटी आस्था 8 साल और बेटा आदित्य 6
साल का है। पत्नी का नाम गुड़िया है। परिवार के लोगों
ने बताया- कृष्ण मोहन करीब 2 साल से बेरोजगार थे। नौकरी के लिए पत्नी के गहने गिरवी
रख चुके थे। बैंक से काफी कर्ज ले चुके थे।
उन्होंने
बताया- अब तक करीब 16 लाख रुपए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दे दिए थे।
शुक्रवार सुबह शिक्षक कृष्ण मोहन देवरिया में शिक्षा विभाग में गए थे। वहां
पर अधिकारियों और क्लर्क ने काफी जलील किया। रुपए के लिए दबाव डाला। इसके बाद
वो शाम को घर आ गए।
परिवार के
साथ खाना खाने के बाद ऊपर कमरे में सोने चले गए। शनिवार सुबह जब परिवार के
लोग उन्हें उठाने गए तो गेट नहीं खुला। खिड़की से झांकने पर भी कुछ दिखाई नहीं
दिया। फिर दरवाजा तोड़ते ही वे सन्न रह गए