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gorakhpur, cm yogi, AIIMS, administration 18-Apr-2026 01:45 PM

रात 7 बजे के बाद नहीं होंगे गंभीर मरीज रेफर, एम्स प्रशासन का सख्त निर्देश, नई व्यवस्था लागू

रूरल न्यूज नेटवर्क एम्स की इमरजेंसी से अब रात 7 बजे के बाद गंभीर मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। एम्स प्रशासन ने इस नई व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, एम्स की इमरजेंसी से शाम होते ही मरीजों को रेफर करने के मामले बढ़ जाते थे।

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अक्सर बेड की कमी का हवाला देकर डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल या अन्य हायर सेंटर ले जाने को कहा जाता था। रात के समय रेफर किए जाने से बाहर के जिलों से आए मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी होती थी। उन्हें समझ नहीं आता था कि रात में कहां जाएं।

कई बार गार्डों की मदद से मरीजों को जबरदस्ती वार्ड से बाहर भी कर दिया जाता था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने पर भी रात में विशेषज्ञों का उपचार नहीं मिल पाता था। इसके अलावा, एम्स से रेफर किए गए कई मरीजों को जांच रिपोर्ट भी नहीं दी जाती थी, जबकि उनके परिजनों ने सीटी स्कैन या एमआरआई के लिए पैसे जमा कर दिए होते थे।

नई व्यवस्था के तहत, अब इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर सुबह वार्ड का राउंड लेते समय ही यह तय करेंगे कि किस मरीज को रेफर करना है या किसे एम्स में ही रखना है। रात में किसी भी मरीज को रेफर कर परेशान नहीं किया जाएगा। इस मामले का संज्ञान लेते हुए कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने इमरजेंसी वार्ड के प्रभारी को फटकार लगाई। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। अब इमरजेंसी के नए प्रभारी की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही किसी अनुभवी डॉक्टर को इमरजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

इमरजेंसी वार्ड में अब क्या बदलेगा

1- रात 7 बजे के बाद मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा

2- सुबह डॉक्टरों के राउंड में होगा निर्णय

3- जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने पर जोर

4. मरीजों और तीमारदारों की परेशानी कम करने पर फोकस

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