Default left Ad
Default right Ad
gorakhpur, cm yogi, Club director 25-Apr-2026 01:37 PM

गोरखपुर क्लब के संचालक अतुल श्रीवास्तव के सुपुत्र अम्बरीश को दी गई अंतिम विदाई, परिजनों-शुभेच्छुओं का लगा तांता, राजघाट पर हुआ दाह संस्कार, छोटे भाई ने दी मुखाग्नि

रूरल न्यूज नेटवर्क।  गोरखपुर के पार्क रोड पर रहने वाले अम्बरीश श्रीवास्तव (40) की अचानक हुई मौत से पूरे परिवार और इलाके में गहरा शोक व्याप्त है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव करीब शाम चार बजे उनके आवास पर पहुंचा, तो वहां मौजूद परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई।

Image Source Here...

अम्बरीश की दीपाली से साल 2012 जून में शादी हुई थी। जबकि 11 जून को अम्बरीश का जन्मदिन भी पड़ता था। घर का माहौल बेहद गमगीन हो गया। जैसे ही परिजनों ने अम्बरीश का शव देखा, उनके बुजुर्ग पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वे अपने बेटे की लाश देखकर फफक पड़े। वहीं, छोटे भाई नितिन और दोनों बेटे अपने पिता के शव से लिपटकर रोने लगे। परिवार के इस दर्दनाक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अम्बरीश का छोटा बेटा वीर अपने चाचा नितिन से लिपटकर सिसकता रहा। भतीजे को इस तरह बिलखते देख नितिन भी खुद को संभाल नहीं पाए और उसे सीने से लगाकर रोने लगे। आसपास खड़ी महिलाएं और रिश्तेदार बच्चों का दर्द देखकर भावुक हो उठे और माहौल और भी मार्मिक हो गया।

Image Source Here...

पत्नी बोलीं- बच्चों का क्या होगा…

जब शव को अंतिम संस्कार के लिए राजघाट ले जाया जा रहा था, उस समय अंतिम दर्शन के दौरान एक और बेहद भावुक क्षण सामने आया। अम्बरीश की पत्नी दीपाली, अपनी ननद पारूल श्रीवास्तव (जो अहमदाबाद से आई थीं) से लिपटकर रोते हुए बार-बार यही कहती रहीं कि अब उनका और बच्चों का क्या होगा।

इसी बीच उनका बड़ा बेटा ईशान अपनी मां का हाथ पकड़कर बोला, “मां रोओ मत, मैं हूं ना। मैं पूरे परिवार को संभालूंगा।” आंखों में आंसू लिए बेटे के इन शब्दों ने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया।

वहीं छोटा बेटा अपने चाचा से लिपटकर बार-बार पूछता रहा, “पापा को क्या हुआ? उन्हें उठाइए न चाचा।” यह सुनकर वहां मौजूद लोगों का दिल दहल उठा।

अम्बरीश की मौत की सूचना के बाद पार्क रोड स्थित आवास पर सुबह से ही लोगों का भीड़ लगना शुरू हो गया। शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी, जनप्रतिनिधि, छात्रनेता और परिचितों के साथ सैकड़ों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचने लगे।

पोस्टमार्टम के दौरान एम्स परिसर में भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दोपहर बाद करीब चार बजे जैसे ही उनका शव आवास पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद लोगों की भीड़ और बढ़ गई। अम्बरीश की शहर में एक अलग पहचान थी।

सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर बड़े आयोजनों तक उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी, यही वजह रही कि उनके निधन की खबर सुनते ही हर वर्ग के लोग उनके घर पहुंच गए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और व्यवस्था बनी रहे।

डेढ़ साल पहले लिया था पिस्टल का लाइसेंस

अम्बरीश श्रीवास्तव को करीब डेढ़ वर्ष पहले ही पिस्टल का लाइसेंस मिला था। बताया जा रहा है कि वह अक्सर अपनी लाइसेंसी पिस्टल अपने साथ रखते थे। शुक्रवार को कुसम्ही स्थित फार्महाउस पर भी पिस्टल उनके पास मौजूद थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसी पिस्टल से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई।

  1. Image Source Here...

फार्महाउस पहुंचने पर कुछ परेशान दिखे थे

अम्बरीश शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे कुसम्ही स्थित अपने फार्महाउस पहुंचे थे। वह अकेले ही वहां गए थे। फार्महाउस पर मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक, उस समय वह कुछ डिस्टर्ब और चिंतित नजर आ रहे थे। उन्होंने पहुंचते ही वहां गायों को देखा और कुछ देर कर्मचारियों से बातचीत की। इसके बाद वह धीरे-धीरे मकान की छत की ओर चले गए, जहां बाद में गोली चलने की घटना सामने आई। देर शाम शव का अंतिम संस्कार राप्ती नदी के किनारे राजघाट पर हुआ। छोटे भाई नितिन ने अम्बरीश की चिता को मुखाग्नि दी।

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने दुख जताया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कारोबारी के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि मैं गोरखपुर के व्यवसायी अम्बरीश श्रीवास्तव के निधन से आहत हूं। शोक की इस घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

Static Fallback middleAd2 Ad

अपने ज़िले और उसके गांवों की खबरें जानने के, लिए जुड़े हमसे अभी

×