नौसढ़ में बनेगा 885 मीटर लंबा फ्लाईओवर:DPR को जल्द मिलेगी मंजूरी, बिना रुके शहर के बाहर जा सकेंगे
गोरखपुर से लखनऊ
या बनारस जाने
के लिए नौसढ़
में अब वाहनों
के पहिये नहीं
थमेंगे। जल्द ही यहां एलीवेटेड
फ्लाईओवर का निर्माण
शुरू हो सकेगा।
शसन को भेजा गया विस्तृत
प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द
ही मंजूर होने
की उम्मीद बढ़
गई है। यह फ्लाईओवर लगभग 885 मीटर
लंबा होगा। यह
फ्लाईओवर राजघाट की
ओर सिक्स लेन
तो वाराणसी एवं
लखनऊ की ओर तीन लेन
का बनाया जाएग।
शहर से वाराणसी
या लखनऊ जाना
है तो राजघाट
पुल पार करते
ही नौसढ़ में
भारी जाम का सामना करना
पड़ता है। नौसढ़
तिराहे से वाराणसी
राष्ट्रीय राजमार्ग जाने के लिए मुड़ना
पड़ता है। इसी तरह लखनऊ
जाने और वहां से आने
के लिए सीधे
रास्ते का प्रयोग
करना होता है।
शहर के भीतर
और फिर नौसढ़
के बाद सड़क पर्याप्त चौड़ी होने
के कारण जाम
का ज्यादा प्रभाव
नहीं है। लेकिन
नौसढ़ में बॉटल
नेक जैसे हालात
रहते हैं। ऐसे
में यहां फ्लाईओवर
बन जाने के बाद लोग
बिना रुके शहर
से बाहर जा सकेंगे और
शहर में प्रवेश
कर सकेंगे।
दूर हुई डीपीआर के
मार्ग की बाधा
सेतु
निगम की ओर से शासन
को फ्लाईओवर की
डीपीआर भेजी जा चुकी है।
लेकिन यहां यूटिलिटी
शिफ्टिंग एवं अन्य
कारणों से डीपीआर
को मंजूरी नहीं
मिल पायी थी।
तीन दिन पहले
बिजली निगम ने यूटिलिटी शिफ्टिंग के
लिए सर्वे किया
है। इसके साथ
ही नगर निगम
व जलकल विभाग
की ओर से भी सर्वे
का काम पूरा
किया जा चका है।
बिजली
निगम की ओर से एस्टीमेट
मिलने के साथ ही सभी
एस्टीमेट शासन को
भेज दिया जाएगा।
जिसके बाद डीपीआर
भी मंजूर हो
जाएगी। सेतु निगम
ने तीन माह पहले नौसड़
में फ्लाईओवर की
डीपीआर लोक निर्माण
विभाग में भेज है। यूटिलिटी
शिफ्टिंग के अंतर्गत
बिजली के खंभे,
तार, पानी टंकी
एवं स्ट्रीट लाइट
को शिफ्ट करने
के इस्टीमेट मांगे
गए थे। यूटिलिटी
शिफ्टिंग के इस्टीमेट
तैयार होने के इंतजार में
डीपीआर मंजूर करने
की प्रक्रिया आगे
नहीं बढ़ रही थी।
फ्लाईओवर पर बनेगी रोटरी
फ्लाईओवर की चौड़ाई
राजघाट पुल की ओर 6 लेन
की होगी। जबकि
वाराणसी व लखनऊ की ओर
3 लेन की। ऊपर से जाने
वाले वाहनों को
भी रुकना न पड़े इसलिए
इंटरचेंज के लिए
रोटरी (गोलंबर) बनाया
जाएगा। 50 मीटर व्यास
की रोटरी बनने
से वाहनों को
चौराहे पर रोकने
की नौबत नहीं
आएगी।
सेतु निगम के
जीएम मिथिलेश कुमार
ने बताया कि
नौसड़ में फ्लाईओवर
निर्माण के लिए बिजली निगम
ने भी संयुक्त
सर्वे कर लिया है। उनकी
ओर से इस्टीमेट
प्राप्त होने के बाद तीनों
विभागों के इस्टीमेट
को राज्य मुख्यालय
भेजा जाएगा। यह
डीपीआर के साथ संलग्न हो
जाएगी। उसके बाद
फ्लाईओवर निर्माण की प्रक्रिया
में तेजी आ जाएगी।