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gorakhpur, cm yogi, underpass, Nandanagar, railway 16-Mar-2026 03:06 PM

नंदानगर रेलवे क्रासिंग पर बनेगा अंडरपास, 73 करोड 64 लाख रूपए की परियोजना को मिली मंजूरी

रूरल न्यूज नेटवर्क एम्स थाना क्षेत्र स्थित नंदानगर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नंदानगर पुलिस चौकी से शमशेर गेट (आकाश विहार डोमेस्टिक एरिया) की ओर जाने वाले मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के नीचे एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 0.160 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को इस परियोजना की शासन से स्वीकृति मिल गई है।

परियोजना की कुल लागत 73.64 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें पांच वर्षों का अनुरक्षण भी शामिल है। इसमें अधोगामी सेतु (अंडरपास) के निर्माण पर 26.45 करोड़ रुपये, भूमि अधिग्रहण और भवन ध्वस्तीकरण पर 34.61 करोड़ रुपये तथा सर्विस रोड निर्माण पर 12.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 25.77 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर जारी भी कर दी गई है। निर्माण और अनुरक्षण कार्य निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत कराया जाएगा।

इस अंडरपास बनने से नंदानगर रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी। नंदानगर के लालू मौर्य और पंकज पासवान ने बताया कि उन्हें शहर से घर आने में घंटों क्रॉसिंग पर फंसे रहना पड़ता था। सैनिक कुंज के विजेंदर सिंह ने कहा कि ऑफिस से निकलते समय वह मित्रों से क्रॉसिंग पर जाम की स्थिति पूछते थे और अधिक जाम होने पर अपनी कार ऑफिस पर छोड़कर ऑटो से आते थे। वर्तमान में इस क्रॉसिंग से कुछ अंतराल पर ट्रेनों के गुजरने से रेलवे गेट बंद हो जाता है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इस कारण कई बार छोटे-मोटे विवाद और मारपीट की घटनाएं भी होती हैं।

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पहले इस क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन एयरफोर्स ने नागरिक विमानों की उड़ान को देखते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद अंडरपास निर्माण पर सहमति बनी। पीडब्ल्यूडी ने अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में फोरलेन सड़क के निर्माण को भी शामिल किया था, लेकिन तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए इसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है।

निर्माण खंड तीन के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिल गई है और जल्द ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह गोरखपुर शहर का चौथा अंडरपास होगा, जिससे लगभग एक लाख लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

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