बीजेपी के पूर्व विधायक पर कोर्ट के आदेश के बाद एक और एफआईआर दर्ज, थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज
रूरल न्यूज नेटवर्क।बीजेपी के पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला पर
पर सोमवार को कोर्ट के आदेश के बाद एक और एफआईआर दर्ज की गई है। यह मुकदमा हरपुर
बुदहट क्षेत्र के ग्राम बुदहट के रहने वाले लक्ष्मी नारायण दुबे की तहरीर पर दर्ज
किया गया है। इससे पहले भी पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ शहर के
अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो चुके हैं। अब तक उनके खिलाफ तीन
एफआईआर हो चुकी हैं।
पूरा मामला
लक्ष्मी नारायण दुबे के अनुसार, वर्ष 2010 में ‘टाइम सिटी
मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड’ समेत कई कंपनियां बनाई गईं। इन
कंपनियों के जरिए लोगों को प्लॉट बेचने और फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट व डेली डिपॉजिट जैसी योजनाओं
में पैसा निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
बताया गया कि इन कंपनियों का मुख्यालय लखनऊ के
जानकीपुरम में था और शाखा कार्यालय थाना कैंट क्षेत्र के छात्रसंघ चौराहा, कबाड़ी मार्केट में संचालित होता था।
ऐसे हुई धोखाधड़ी
शिकायत के मुताबिक, चंद्र प्रकाश
शुक्ला और अन्य निदेशकों दीपचंद्र शुक्ला, गुलाबचंद्र मौर्या, तृप्ती तिवारी, अरविंद कुमार
पांडेय, गुलाम मुर्तजा, संतोष कुमार
अग्रहरि, गौरव कन्नौजिया, जितेंद्र कुमार
तिवारी, निदेश लहुरी, विनय, सत्यवती, मिथिलेश, रमेंद्र चंद्र यादव और बृजेश शुक्ला ने
निवेशकों को भरोसा दिलाया कि कंपनी के पास आरबीआई का लाइसेंस है और जमीन के सभी
कागजात वैध हैं।निवेशकों को लालच
दिया गया कि उनकी रकम छह साल में दोगुनी कर दी जाएगी या फिर उतनी ही कीमत का पूरी
तरह विकसित प्लॉट रजिस्ट्री करके दे दिया जाएगा।
28 लाख रुपये का निवेश
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने और उनके परिचितों ने मिलकर
करीब 28 लाख रुपये निवेश किए। इसमें उनकी पत्नी की 6 लाख 39 हजार 500 रुपये की रकम भी शामिल है।जब तय समय पूरा हो गया तो उन्होंने अपनी रकम या
प्लॉट की मांग की। आरोप है कि इस पर आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। शिकायत में
यह भी कहा गया है कि निवेशकों की जमा पूंजी को फर्जी वाउचर बनाकर परिजनों के नाम
पर करोड़ों रुपये नकद और बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया गया।इतना ही नहीं, जिन भू-खंडों का
वादा किया गया था, उन्हें निवेशकों को देने के बजाय बाहरी लोगों
को बेच दिया गया। पैसे या प्लॉट की मांग करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की
धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
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कैंट सीओ बोले-
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित
ने पहले एसएसपी से शिकायत की, लेकिन
कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर
कैंट पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।कैंट थाना के सीओ योगेन्द्र सिंह ने बताया कि कोर्ट
के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की
जाएगी। इससे पहले पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ शहर के तीन अलग-अलग
थानाक्षेत्रों में पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब पूरे प्रकरण की
जांच कर रही है।