गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
रेडियो
टीवी
आप यहाँ हैं :Home /
गोरखपुर /
चरगांवा
/ गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल में फिल्म...
• gorakhpur, cm yogi, cold day, Film Festival, Tigmanshu Dhulia
•
गोरखपुर / चरगांवा
• 23-01-2026
गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल में फिल्म डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया ने कहा- यूपी-बिहार में हिन्दी फिल्में बननी चाहिए
रूरल न्यूज़ नेटवर्क। फिल्म डायरेक्टर काम करने के लिए इंडस्ट्री
में आता है,ऑटोग्राफ देने और पहचान बनाने के लिए नहीं। एक्टर तो इसीलिए आता है। उनके
साथ मेरी कोई ऐसी सहानुभूति नहीं है। एक्टिंग दुनिया का सबसे आसान काम होता है। फिल्मों
में आने के लिए बहुत जरूरी है किसी बड़ी संस्थान से ट्रेनिंग लेना। बिना ट्रेनिंग के
फिल्म निर्माण करना मुश्किल होगा। जो कुछ बनता है, वह उत्कृष्ट तो नहीं ही होता है।
यह बातें जाने-माने फिल्म
डायरेक्टर और राइटर तिग्मांशु धूलिया ने गोरखपुर में सिने रंग फाउंडेशन की ओर से आयोजित
लघु सिनेमा महोत्सव के दूसरे दिन विमर्श सत्र में अमित कुमार से बातचीत के दौरान कही।
Image Source Here...
उन्होंने एक प्रश्न के
जवाब में कहा कि रंगमंच से फिल्म में आने से बहुत सी चीजें कुछ आसान हो जाती हैं, मसलन
कलाकारों से काम करना, फ्रेम की सेटिंग और अन्य।
दर्शकों की ओर से पूछे
गए सवाल- बॉम्बे, बांग्ला और साऊथ जैसे इंडस्ट्री यूपी में डेवलप होने की संभावना देखते
हैं ? का जवाब देते हुए उन्होंने कहा- बहुत बड़ी गलती हो गई हिंदी सिनेमा मुंबई में
बनती है।
मुझे पता नहीं क्यों,
जबकि ज्यादातर राइटर यूपी- बिहार के ही हैं। जब तक वे थे तब तक फिल्में अच्छी भी होती
थी। हिंदी फिल्में इधर यूपी बिहार में बननी चाहिए।
नई पीढ़ी से मुझे
बहुत उम्मीद नहीं
एक और प्रश्न के जवाब
में कहा कि सिनेमा का भविष्य तो अभी है लेकिन नई पीढ़ी से मुझे बहुत उम्मीद नहीं है
क्योंकि नई पीढ़ी रील, शॉट्स और मोबाइल में अपना समय बीता रही है, पढ़ना और सोचना उसने
छोड़ दिया है।
साथ ही उन्होंने भोजपुरी
फिल्म बनाने के सवाल पर कहा कि मैं भोजपुरी कभी नहीं बनाऊंगा क्योंकि उसमें फूहड़ता
बहुत होती है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी मुझे आती भी नहीं, अवधि में कहोगे तो फिल्म
बना दूंगा। उन्होंने कहा कि जब तक हूं तब तक युवा पीढ़ी को ठीक करता हूं। उन्हें ध्यान
केंद्रित करना सिखाऊंगा। मैं यूपी के मिट्टी से जुड़ा हुआ हूं। यहां के लोगों के लिए
जो हो पाएगा वो करूंगा।
मेरी आने फिल्म 'घमासान'
है, यह एक मोटिवेशनल स्टोरी होगी जिसमें अरशद वारसी और प्रतीक गांधी मेन रोल में नजर
आएंगे। उम्मीद है कि दर्शकों को यह अच्छी लगेगी।
बेस्ट फिल्म 'प्लूटो'
और बेस्ट एक्टर आलोक को मिला अवॉर्ड
कार्यक्रम के अगले सत्र
में प्रदर्शित फिल्मों को पुरस्कृत किया गया। जिसमें 'प्लूटो' को बेस्ट फिल्म का पुरस्कार
मिला। द्वितीय और तृतीय सर्वश्रेष्ठ फिल्म क्रमशः हैप्पी बर्थ डे और मटर पनीर रही।
सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी में सेकेंड चांस और थाली को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार
डॉ चैतन्य प्रकाश को उनकी फिल्म 'अनहोल्ड स्टोरी' के लिए दिया गया। बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर
का पुरस्कार कुमारी सृष्टि को उनकी फिल्म 'ऊंची ताक' के लिए दिया गया।
बेस्ट एक्टर का पुरस्कार
आलोक सिंह राजपूत को फिल्म 'अल्टर' में अभिनय के लिए और बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार
फिल्म 'सेकंड चांस' में मां की भूमिका के लिए दिया गया। बेस्ट चाइल्ड एक्टर का पुरस्कार
मटर पनीर में तीनों बाल कलाकारों को दिया गया। बेस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस को डोपेस्टिक
फिल्म में काम करने वाली बाल कलाकार को दिया गया। बेस्ट नेगेटिव रोल के लिए अन्तस्थ
में के कलाकार को दिया गया। बेस्ट राइटर का पुरस्कार अक्षय जाधव को दिया गया।
पुरस्कार वितरण डॉ. महेंद्र
अग्रवाल, राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उप निदेशक यशवंत सिंह राठौड़, डॉ प्रतिभा गुप्ता,
पंडित नरेंद्र उपाध्याय और जूरी के सदस्यों प्रोफेसर चंद्र भूषण अंकुर और प्रदीप सुविज्ञ
के कर कमलों से हुआ।
लघु फिल्में आज के
समय की जरूरत
समापन वक्तव्य में डॉ.
महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि लघु फिल्में आज के समय की जरूरत है। लघु फिल्में संवेदना
के स्तर पर हमें कहीं ज़्यादा उद्वेलित करती हैं और समाज में बदलाव लातीं हैं। हर्ष
का विषय है कि गोरखपुर में भी अब कला, साहित्य और रंगमंच के साथ फिल्मों के क्षेत्र
में भी काम होने लगा है।
Share On :
×
03:16
गोरखपुर : गोरखपुर विश्वविद्यालय का छात्रनेता सतीश प्रजापति जेल से रिहा
गोरखपुर : इलाके में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश, जनजीवन अस्तव्यस्त
गोरखपुर : भारी बारिश के चलते जिले में 12 वीं तक के सभी स्कूलों में शनिवार को अवकाश, डीएम ने दिए आदेश
गोरखपुर : राज्यसभा सांसद डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर विश्वविद्यालय स्थित प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
गोरखपुर : सेवा संकल्प समारोह के तहत शुक्रवार को हुआ आंगनबाड़ी कार्यकत्रिर्यों का सम्मान, मिला साड़ी और सर्टिफिकेट
गोरखपुर: लोकगायक राकेश श्रीवास्तव को स्व. रवि नागर स्मृति मंजुश्री सम्मान
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : बारिश ने 10-15 मिनट में सामान पहुँचने का दावा करने वाली जोंमैटो, ब्लिंकिट जैसी कंपनियों पर लगाया ब्रेक, नहीं कर सकी डिलेवरी
गोरखपुर : नौसढ़ चौराहे पर शनिवार शाम गिरा यूनिपोल और बिजली पोल, दबी अर्टिगा कार, बाल बाल बचे सवार
गोरखपुर : जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर शनिवार को चढ़ी कार, यात्रियों में मची अफरातफरी, RPF ने चालक के खिलाफ की कार्रवाई, कार किया जब्त
गोरखपुर : शनिवार को बारिश के तीसरे दिन शहर की पूरी सफाई व्यवस्था ध्वस्त, घरों-दुकानों में पहुँच गंदा पानी
गोरखपुर : चाइनीज माँझे से बीबीए छात्र का जबड़ा काटा, लगे 12 टांके
गोरखपुर : 3 दिवसीय प्रवास आज गोरखपुर आएंगे मुख्यमंत्री योगी, अधिकांश समय मंदिर परिसर में आयोजित समारोहों में व्यतीत करेंगे
गोरखपुर : महेवा गल्ला मंडी में बारिश से करोड़ों का गल्ला बर्बाद, नुकसान की भरपाई के लिए व्यापारियों की सरकार से आस