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Saturday, 16th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। महायोगी गुरु
गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की फार्मेसी अब राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों को
औषधियों की आपूर्ति करेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी
हैं, जिससे विभिन्न आयुर्वेदिक अस्पतालों तक निर्मित
दवाएं पहुंचाई जा सकेंगी।
विश्वविद्यालय की फार्मेसी
में औषधि निर्माण की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। यहां मधुमेहारी, अश्वगंधा, अर्जुन छाल, त्रिफला चूर्ण, हरितकी चूर्ण
और विभीतकी चूर्ण जैसी कई महत्वपूर्ण औषधियों का उत्पादन किया जा रहा है। इन दवाओं
का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में प्रभावी माना जाता है, जिससे मरीजों को प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल
सकेगी।
इसी क्रम में फार्मेसी में
मशीनों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। हाल ही में, मधुमेहारी औषधि
का उत्पादन 60 किलोग्राम से बढ़कर लगभग 12 क्विंटल तक पहुंच गया है। यह औषधि शुगर रोगियों के लिए काफी
लाभकारी सिद्ध हो रही है। प्रारंभिक चरण में, राजकीय
आयुर्वेदिक अस्पतालों में सबसे पहले मधुमेहारी उपलब्ध कराने की योजना है, जिसके बाद अन्य औषधीय चूर्ण की आपूर्ति की जाएगी।
कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी ने बताया कि औषधियों का निर्माण अत्याधुनिक स्वचालित मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है और इनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल से राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।