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gorakhpur, cm yogi, children 03-Apr-2026 12:33 PM

राप्ती नदी में डूूबे 4 बच्चों के शव मिले, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम ने की 36 घंटे मशक्कत, स्टंट और रील बनाने का था शौक, परिवार में मचा कोहराम

रूरल न्यूज नेटवर्क गोरखपुर की राप्ती नदी में डूबे 4 दोस्तों की लाश मिल गई। गुरुवार की शाम विवेक निषाद (15) की लाश मिली। घटना के तीसरे दिन शुक्रवार सुबह अमन उर्फ बीरू राजभर (15), गगन पासवान (15) और अनिकेत यादव (13) की लाश मिली। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना बुधवार की है। इसके बाद से ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ राप्ती नदी में डूबे 4 बच्चों के शव की तलाश कर रही थी।

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बताया जा रहा है कि खोराबार क्षेत्र के मिर्जापुर घाट स्थित पीपा पुल पर बुधवार को 9 लड़के साइकिल से स्टंट कर रील बना रहे थे। इस दौरान 5 लड़के राप्ती नदी में नहाते हुए रील बनाने लगे। तभी पांचों लड़के डूबने लगे। इसमे से राजकरन उर्फ टाइमपास किसी तरह बाहर निकल आया था। टाइमपास के बताने पर पुलिस और परिजन सक्रिय हुए। नदी में डूबे बच्चों की तलाश के लिए तत्काल एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को लगाया गया।

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कैंट थाना क्षेत्र के रानीडीहा शिवमंदिर टोला निवासी अमन उर्फ बीरू राजभर (15), मालवीय नगर निवासी विवेक निषाद (15), जंगल सिकरी निवासी गगन पासवान (15) और रानीडीहा निवासी अनिकेत यादव (13) अपने साथी राजकरन उर्फ टाइमपास के साथ बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे साइकिल से मिर्जापुर घाट पहुंचे थे। इनके साथ चार और दोस्त थे।

इसमे पांच किशोर पीपा पुल के पास राप्ती नदी में नहाने और रील बनाने लगे। इसी दौरान चारों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे, जबकि राजकरन किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल आया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, ग्राम प्रधान और पुलिस मौके पर पहुंची। खोराबार और कैंट पुलिस ने तत्काल एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम को बुलाया, जिन्होंने देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। मौके से चार साइकिल, कपड़े और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।

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गुरुवार को भी सुबह से ही सर्च अभियान दोबारा शुरू किया गया। शाम के समय विवेक निषाद का शव घटना स्थल से 100 मीटर दूरी पर बरामद कर लिया गया, जबकि अन्य तीन किशोरों की तलाश जारी रही। शुक्रवार सुबह राप्ती नदी में 3 किशोर का शव उतराता हुआ देखा गया। इसके बाद पुलिस की सूचना दी गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। पंचनामा करके शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया।

शव मिलने की सूचना पर परिजन के साथ ही सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ लग गई। परिजनों को रोते चीखते देख, ग्रामीणों की आंखें भी भर आई।

बच्चों की लाश देखकर चीखने चिल्लाने लगा परिवार

 बच्चों का शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जैसे ही सूचना घर पहुंची, परिजन बदहवास हालत में घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। महिलाएं बार-बार बच्चों का नाम लेकर बेहोश हो जा रही थी। पिता सतीश, जो पेशे से ऑटो चालक हैं। बेटे के शव को देख फूट-फूटकर रो पड़े।

आसपास खड़े लोगों की आंखें भी नम हो गईं। विवेक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके दो छोटे भाई सुंदर और समीर अभी इस सदमे को समझ भी नहीं पा रहे हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि वह कक्षा 6 का छात्र था और पढ़ाई में अच्छा था।

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