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Sunday, 24th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। मुख्य चिकित्सा
अधिकारी (सीएमओ) ने जनपद में संचालित 102 और 108 एम्बुलेंस
सेवाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एम्बुलेंस में उपलब्ध स्वास्थ्य
सुविधाओं, जीवन रक्षक उपकरणों, दवाओं और कर्मचारियों की
कार्यप्रणाली का जायजा लिया। सीएमओ ने मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध
कराने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान
एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक उपचार किट, स्ट्रेचर और
अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की जांच की गई। सीएमओ ने ड्यूटी पर तैनात ईएमटी
(इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) और पायलट कर्मचारियों से बातचीत कर सेवा व्यवस्था की
जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों को आपातकालीन सेवाओं में संवेदनशीलता और तत्परता
बनाए रखने का निर्देश दिया।
सीएमओ ने कहा कि दुर्घटना
या गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज तक समय पर पहुंचना एम्बुलेंस कर्मियों की
प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने "गोल्डन आवर" का उल्लेख करते हुए बताया
कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा मरीज के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता
है। इस अवधि में सही उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने हर कॉल
को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भीषण गर्मी को देखते हुए
सीएमओ ने एम्बुलेंस कर्मचारियों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की सलाह दी।
उन्होंने ईएमटी और पायलट कर्मचारियों को नियमित रूप से ओआरएस घोल पीने, पर्याप्त पानी
का सेवन करने और लू से बचाव करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि स्वस्थ कर्मचारी
ही बेहतर ढंग से आमजन की सेवा कर सकते हैं।
सीएमओ ने कर्मचारियों को मरीजों और उनके परिजनों के साथ विनम्र व्यवहार करने तथा निशुल्क 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा। इस निरीक्षण के दौरान प्रोग्राम मैनेजर वेद प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कर्मचारियों को निष्ठा और सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को एम्बुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।