गोरखपुर नगर निगम
बोर्ड की 16वीं
बैठक सोमवार दोपहर
12 बजे शुरू हुई।
महापौर डॉ. मंगलेश
कुमार श्रीवास्तव की
अध्यक्षता में शुरुआत
हुई। शुरुआत होते
ही पार्षदों ने
गोरखपुर महोत्सव और
खिचड़ी मेले के पास न
मिलने का मुद्दा
उठा दिया। इस
बात को लेकर सदन में
पार्षदों ने जोरदार
हंगामा किया, जिससे
कुछ देर तक बैठक की
कार्यवाही बाधित रही।
हंगामे के बीच
पार्षदों ने ‘पार्षद
एकता जिंदाबाद’ के
नारे लगाए, जिससे
सदन का माहौल
और गरमा गया।
बैठक में वार्ड
25 के पार्षद ने
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
न होने का मुद्दा जोरशोर
से उठाया। वार्ड
48 से पार्षद बबलू
गुप्ता ने नगर निगम की
जमीन पर पूर्व
सपा नेता द्वारा
कब्जा किए जाने
का आरोप लगाते
हुए विरोध दर्ज
कराया।
सदन में बढ़ते
हंगामे के बीच नगर आयुक्त
गौरव सिंह सोगरवाल
और मेयर मंगलेश
श्रीवास्तव ने पार्षदों
को समझाया। संयम
बरतने की अपील करते हुए
सभी से दोबारा
अपनी-अपनी सीटों
पर बैठने का
आग्रह किया। बैठक
में नगर निगम
कार्यकारिणी द्वारा स्वीकृत
वर्ष 2025-26 के 1093 करोड़ रुपए
के रिवाइज्ड बजट
पर मंजूरी मिलने
की संभावना है।
इसके अलावा नगर
निगम से जुड़े
कई अहम प्रस्तावों
पर भी चर्चा
की जा रही है। हंगामे
के बीच नगर निगम के
बजट समेत विकास
कामों से जुड़े
कई महत्वपूर्ण विषयों
पर विचार-विमर्श
किया जा रहा है।
नगर निगम सदन
में जारी हंगामे
के बीच नगर आयुक्त गौरव
सिंह सोगरवाल ने
स्पष्ट किया कि मेयर मंगलेश
श्रीवास्तव द्वारा अधिकारियों
से पास को लेकर बातचीत
हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि
अधिकारियों की ओर
से थोड़ी देर
में गोरखपुर महोत्सव
के पास उपलब्ध
करा दिए जाएंगे,
इसके बाद बैठक
की कार्यवाही सामान्य
रूप से आगे बढ़ेगी। हंगामे के
बीच मेयर मंगलेश
श्रीवास्तव ने अधिकारियों
से बात कर पार्षदों को गोरखपुर
महोत्सव के पास उपलब्ध कराने
की मांग की।
महापौर के आश्वासन
के बाद माहौल
कुछ शांत हुआ
और इसके बाद
नगर निगम सदन
की बैठक दोबारा
शुरू कर दी गई। सदन
में बढ़ते हंगामे
के बीच नगर आयुक्त गौरव
सिंह सोगरवाल और
मेयर मंगलेश श्रीवास्तव
ने हस्तक्षेप किया।
पार्षदों से संयम
बरतने की अपील करते हुए
सभी से दोबारा
अपनी-अपनी सीटों
पर बैठने का
आग्रह किया, ताकि
बैठक की कार्यवाही
सुचारू रूप से आगे बढ़ाई
जा सके।
वार्ड
48 से पार्षद बबलू
गुप्ता ने नगर निगम की
जमीन पर पूर्व
सपा नेता द्वारा
कब्जा किए जाने
का आरोप लगाते
हुए विरोध दर्ज
कराया। पार्षद बबलू
गुप्ता ने इस मामले में
नाराजगी जताते हुए
जमीन पर बैठकर
प्रदर्शन किया और
अवैध कब्जा हटाने
की मांग की,
जिससे सदन में कुछ देर
तक हंगामे की
स्थिति बनी रही।
बैठक में वार्ड
25 के पार्षद ने
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
न होने का मुद्दा जोरशोर
से उठाया। उन्होंने
कहा कि हर बैठक में
सिर्फ बातें होती
हैं और तभी याद आता
है कि नगर निगम को
यह काम करना
चाहिए था, जबकि
जमीनी स्तर पर व्यवस्था आज भी दुरुस्त नहीं है।
पार्षद के इस बयान के
बाद सदन में कुछ देर
तक इस मुद्दे
पर चर्चा और
हलचल का माहौल
बना रहा। नगर
निगम सदन की बैठक के
दौरान गोरखपुर महोत्सव
और खिचड़ी मेला
से जुड़े मुद्दे
पर पार्षदों का
आक्रोश खुलकर सामने
आया। हंगामे के
बीच पार्षदों ने
‘पार्षद एकता जिंदाबाद’
के नारे लगाए,
जिससे सदन का माहौल और
गरमा गया।
नारेबाजी
के चलते कुछ
देर तक कार्यवाही
प्रभावित रही और
सदन में शोर-शराबे की
स्थिति बनी रही।
गोरखपुर नगर निगम
सदन की 16वीं
बैठक में सोमवार
को गोरखपुर महोत्सव
और खिचड़ी मेला
के पास न मिलने को
लेकर पार्षदों ने
जमकर हंगामा किया।
बैठक की शुरुआत
होते ही कई पार्षदों ने इस मुद्दे को
उठाया, जिससे सदन
में काफी देर
तक शोर-शराबा
और हल्ला-गुल्ला
चलता रहा। हंगामे
के कारण कार्यवाही
कुछ समय के लिए प्रभावित
हुई, बाद में समझाइश के
प्रयास किए गए।