पार्षद 18 फीट गहरे नाले में उतरे, सफाई कर्मियों की हालत देख जताई चिंता, लोगों से नालों में कचरा न फेंकने की अपील
रूरल न्यूज नेटवर्क।शहर के पॉश इलाके बेतियाहाता के पार्षद
विश्वजीत त्रिपाठी 18 फीट गहरे नाले में उतर गए। वहां नगर निगम के
सफाई कर्मी सफाई कर रहे थे। नाले में उतकर उन्होंने बिना किसी सुरक्षा के सफाई कर
रहे कर्मचारियों की दशा दिखाई। नाला पॉलिथीन से पटा पड़ा था। उन्होंने जनता से भी
अपील की कि वे किसी भी रूप में कचरा नालों में न फेंकें। यही पॉलिथीन नाले को
अवरुद्ध करती हैं, जिससे जलभराव की समस्या पैदा होती है। विश्वजीत
गोरखपुर के पहले पार्षद हैं, जिन्होंने नाले में उतरने की हिम्मत दिखाई।बेतियाहाता में कसया रोड स्थित बड़े नाले की सफाई की जा रही
है। पोकलेन से नाले की सफाई की जा रही थी लेकिन उसके एक बड़े हिस्से में पोकलेन से
सफाई संभव नहीं थी। वहां सफाई कर्मियों को नाले में उतरना पड़ा और सफाई करनी पड़ी।
फिराक चौराहे के पास स्थानीय पार्षद भी सीढ़ी के सहारे 18 फीट गहरे इस नाले में उतर गए।
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सफाई कर्मियों की
दयनीय स्थिति दिखाई
विश्वजीत त्रिपाठी ने नाले के भीतर दिखाया कि किस तरह सफाई
कर्मी नाला साफ कर रहे थे। उनके पास सुरक्षा का कोई संसाधन मौजूद नहीं था। नंगे
बदन सफाई कर्मी सफाई कार्य में जुटे थे। पार्षद ने उनकी स्थिति दिखाते हुए नगर
निगम से सुरक्षा के उपाय करने की मांग की। पार्षद ने कहा कि नाले में जहरीले जीव
भी होते हैं। इसके साथ ही जहरीली गैस भी निकलती है लेकिन उसमें घुसकर सफाई करने
वालों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता। वे जान जोखिम में डालकर सफाई करते हैं।
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कूड़ा नगर निगम की गाड़ियों को दें
पार्षद ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की
व्यवस्था है। उन्होंने लोगों से अपील है कि वे कूड़ा नगर निगम की गाड़ियों को ही
दें। इधर-उधर और खासकर नालियों में कूड़ा, पॉलिथीन
न फेकें। ऐसा करने से सारी पॉलिथीन बहकर बड़े नाले में जाती है और पानी का बहाव
अवरुद्ध करती है। बरसात के समय में इससे जलभराव होगा। पार्षद ने कहा कि लोगों को
भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सफाई कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर शहर को
स्वच्छ बनाने का काम करते हैं।