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Saturday, 6th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर
विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के कर्मचारी से मारपीट का मामला
बढ़ता जा रहा है। घटना से नाराज विश्वविद्यालय के कर्मचारी प्रशासनिक भवन के सामने
धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया और कहा कि जब तक
कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था नहीं बनाई जाएगी, ऐसी घटनाओं को
रोकना मुश्किल होगा।
शनिवार को विश्वविद्यालय के
अलग-अलग विभागों के कर्मचारी प्रशासनिक भवन के सामने जुटे। कर्मचारियों ने कहा कि
वह छात्रों की समस्याओं को दूर करने और विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाने
के लिए लगातार काम करते हैं। इसके बाद भी कार्यालय में घुसकर कर्मचारी से मारपीट
जैसी घटना होना गलत है। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सुरक्षित माहौल
देने और घटना को लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की। दरअसल, शुक्रवार को
बीएससी एग्रीकल्चर फोर्थ ईयर के एक छात्र की मार्कशीट में एक विषय का नंबर नहीं
चढ़ने की समस्या को लेकर विवाद हुआ था। छात्र कई दिनों से अपनी समस्या ठीक कराने
के लिए विश्वविद्यालय आ रहा था। छात्र का कहना था कि उसने नियम के अनुसार सभी
जरूरी कागजात जमा कर दिए थे, इसके बावजूद
उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। संबंधित
कर्मचारी का कहना था कि उसकी ओर से पूरी प्रक्रिया पूरी कर फाइल आगे भेज दी गई थी।
इसी मामले को लेकर शुक्रवार को छात्र एक छात्र संगठन के पदाधिकारी के साथ परीक्षा
नियंत्रक कार्यालय पहुंचा। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। आरोप
है कि इसी दौरान छात्रनेता ने कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद कार्यालय
में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत
कराया।
घटना से नाराज कर्मचारियों
ने शुरू किया विरोध
कर्मचारी के
साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय के कर्मचारी नाराज हो गए।
कर्मचारियों ने कहा कि अगर कार्यालय में काम करने वाले लोग ही सुरक्षित नहीं
रहेंगे तो वह बिना दबाव के अपनी जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे। कर्मचारियों ने सभी
कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के
समाधान की मांग रखी। गोरखपुर
विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पूर्व उपाध्यक्ष गणेश तिवारी ने कहा कि कर्मचारी
विश्वविद्यालय की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी मेहनत से काम करते
हैं। छात्रों की हर संभव मदद की जाती है, लेकिन किसी भी
कर्मचारी के साथ अभद्रता या मारपीट स्वीकार नहीं की जाएगी।
एग्जामिनेशन सेल की प्रधान
सहायक अनुपमा गुप्ता ने कहा कि परीक्षा विभाग में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र
अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। कर्मचारी नियमों के अनुसार उनका समाधान कराने
का प्रयास करते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना
जरूरी है, ताकि वह बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।
ऐसी घटनाओं को रोकना जरूरी
गोरखपुर विश्वविद्यालय
कर्मचारी संघ के पूर्व महामंत्री राज बहादुर सिंह गौतम ने कहा कि यह मामला सिर्फ
एक कर्मचारी का नहीं, बल्कि सभी
कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसी
व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे भविष्य
में किसी कर्मचारी के साथ इस तरह की घटना न हो।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी
कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाए। धरना-प्रदर्शन में
रामेश्वर पांडेय, महेंद्र नाथ
सिंह, मनीष कुमार त्रिपाठी, गणेश तिवारी, अनुपमा गुप्ता, राज बहादुर सिंह गौतम सहित बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय
के कर्मचारी मौजूद रहे।