• gorakhpur, cm yogi, DDU
•
गोरखपुर / चरगांवा
• 06-06-2026
DDU का 68 साल का रिकॉर्ड होगा डिजिटल, लाखों छात्रों की मार्कशीट-रिजल्ट डेटा सुरक्षित रहेगा, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
रूरल न्यूज नेटवर्क।दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर
यूनिवर्सिटी अपने परीक्षा सिस्टम को और हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने
जा रहा है। यूनिवर्सिटी अब साल 1957 से लेकर 2020-21 तक के सभी पुराने एग्जाम रिकॉर्ड को डिजिटल फॉर्मेट में
सुरक्षित करेगी। इस पहल से यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुके लाखों पुराने स्टूडेंट्स
की मार्कशीट, रिजल्ट और परीक्षा से जुड़ा पूरा डेटा हमेशा के
लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।
अभी यूनिवर्सिटी में साल 2021-22 और उसके बाद के सभी परीक्षा रिकॉर्ड पहले से डिजिटल फॉर्म
में मौजूद हैं। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुराने रिकॉर्ड को भी डिजिटल सिस्टम से
जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत कई दशक पुराने पेपर रिकॉर्ड को स्कैन कर
सुरक्षित डिजिटल डेटाबेस में बदला जाएगा।
पुराने रिकॉर्ड तलाशने में
नहीं लगेगा लंबा समय
अभी कई बार पुराने
स्टूडेंट्स को मार्कशीट, रिजल्ट या अन्य
परीक्षा संबंधी जानकारी के लिए आवेदन करने के बाद इंतजार करना पड़ता है। पुराने
पेपर रिकॉर्ड को खोजने और वेरिफाई करने में समय लगता है। डिजिटल सिस्टम तैयार होने
के बाद किसी भी स्टूडेंट का रिकॉर्ड कुछ ही समय में उपलब्ध कराया जा सकेगा।इससे देश और विदेश में रहने वाले उन पुराने स्टूडेंट्स को
भी फायदा मिलेगा, जिन्हें नौकरी, हायर एजुकेशन या अन्य जरूरतों के लिए अपने पुराने एजुकेशनल
रिकॉर्ड के वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है।
Image Source Here...
फर्जी मार्कशीट और छेड़छाड़
पर लगेगी रोक
यूनिवर्सिटी प्रशासन के
मुताबिक, सभी परीक्षा रिकॉर्ड डिजिटल होने के बाद
मार्कशीट में छेड़छाड़ और फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार करने जैसी समस्याओं पर भी काफी
हद तक रोक लग सकेगी। डिजिटल डेटा होने से रिकॉर्ड की जांच आसान होगी और पूरी
प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।
1957 से अब तक का
डेटा होगा सुरक्षित
कुलपति प्रो. पूनम टंडन
ने बताया कि साल 1957 से 2020-21 तक के सभी परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में
सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद
कोई भी जरूरी जानकारी कम समय में उपलब्ध हो सकेगी। इससे न सिर्फ स्टूडेंट्स को
सुविधा मिलेगी, बल्कि यूनिवर्सिटी का पुराना डेटा भी लंबे समय तक
सुरक्षित रहेगा।