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Sunday, 31st May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। दीनदयाल
उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर उमेश यादव को साल 2026 के प्रतिष्ठित
"एडिटर ऑफ डिस्टिंक्शन अवार्ड्स" के तहत "एडिटोरियल कंट्रीब्यूशन
अवार्ड" से सम्मानित किया है।
यह अवॉर्ड दुनिया की
जानी-मानी वैज्ञानिक और एकेडमिक प्रकाशन संस्था 'स्प्रिंगर नेचर' की ओर से
अंतरराष्ट्रीय स्तर की मशहूर रिसर्च पत्रिका (जर्नल) 'साइंटिफिक
रिपोर्ट्स' में बेहतरीन संपादन, रिसर्च पेपर्स के सही
मूल्यांकन और पीयर-रिव्यू प्रक्रिया को शानदार तरीके से संभालने के लिए दिया गया
है।
दुनिया के टॉप 20 प्रतिशत संपादकों में बनाई जगह
स्प्रिंगर नेचर
की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पुरस्कार उन
संपादकों को दिया जाता है जो रिसर्च पेपर्स की जांच और संपादन में ऊंचे मापदंड, निष्पक्षता और बेहतरीन लीडरशिप दिखाते हैं। प्रो. उमेश यादव
को उनके शानदार काम के लिए दुनिया भर के टॉप 20 प्रतिशत
संपादकों में स्थान मिला है। संस्था ने अपने
संदेश में कहा कि प्रो. यादव का अपने काम और रिसर्च कम्युनिटी के प्रति लगाव बेहद
प्रेरणादायक है। लेखकों की मदद करने और विज्ञान जगत को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका
बहुत अहम रही है।
क्या है यह अवार्ड
यह सम्मान स्प्रिंगर नेचर
की एक खास पहल है, जिसके जरिए
स्प्रिंगर, नेचर, बीएमसी और
डिस्कवर जैसी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिकाओं से जुड़े संपादकों के असाधारण
काम को ग्लोबल लेवल पर सराहा जाता है।
सम्मान मिलने पर प्रो. उमेश
यादव ने खुशी जताते हुए कहा कि यह अवार्ड उनके लिए बड़े गर्व की बात है। उन्होंने
इसे निष्पक्ष काम और अकादमिक बेहतरी के प्रति अपनी कोशिशों का नतीजा बताया और इसका
श्रेय अपने साथियों, रिसर्चरों और
पूरे शैक्षणिक समाज को दिया।
कुलपति ने दी बधाई
यूनिवर्सिटी की
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रो. उमेश यादव को इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी पर
बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ प्रो. यादव की निजी सफलता नहीं है, बल्कि पूरी गोरखपुर यूनिवर्सिटी के लिए गर्व की बात है।
इससे यूनिवर्सिटी के बाकी शिक्षकों और छात्रों को भी हाई क्वालिटी रिसर्च करने की प्रेरणा मिलेगी। इस बड़ी जीत से यूनिवर्सिटी और शिक्षा जगत में खुशी की लहर है और सभी शुभचिंतक प्रो. यादव को बधाइयां दे रहे हैं।