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सन्देश
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गोरखपुर / चरगांवा
• 29-01-2026
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण पहल, MS और BCA में एआई कोर्स शुरू
रूरल न्यूज नेटवर्क।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence–AI) को शिक्षा, अनुसंधान और कौशल
विकास के केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है।
अभी तक MS, BCA,
B.Tech में AI कोर्स शुरू हो चुका। हर स्टूडेंट्स को ध्यान में रखते हुए आगे सभी कोर्स
में AI को शामिल करने पर काम चल रहा है।
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सभी कोर्स के लिए व्यापक
योजना कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से सभी संकायों और विषयों
में एआई को समाहित करने की व्यापक योजना पर कार्य किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी
इसकी मूलभूत समझ के साथ उसके अनुप्रयोग की क्षमता भी विकसित कर सके।
MS और BCA में एआई कोर्स
शुरू विश्वविद्यालय ने एम.एस. (AI) और बी.सी.ए. स्तर पर एआई पाठ्यक्रम पहले ही शुरू
कर दिए हैं। यह पाठ्यक्रम NIELIT के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही बी.टेक.
(Artificial Intelligence) प्रोग्राम भी शुरू कर दिया गया है, जो भविष्य की तकनीकी
मांगों के अनुरूप है।
'स्वयं' पर AI कोर्स
में रजिस्ट्रेशन विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय
के छात्र 'स्वयं' प्लेटफॉर्म पर एआई से संबंधित पाठ्यक्रमों में सक्रिय रूप से पंजीकरण
कर रहे हैं।
एआई लैब की होगी स्थापना
इसके अलावा प्रधानमंत्री उषा योजना (PM-USHA) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में एक अत्याधुनिक
एआई लैब की स्थापना की जा रही है, जो ट्रेनिंग, अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनेगी।
AI मंथन-2026 में सहभागिता
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय,
लखनऊ में आयोजित “एआई मंथन-2026: उच्च और तकनीकी शिक्षा में चुनौतियाँयां और अवसर”
कार्यक्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय की टीम ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व
में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा
में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं, नवाचार, प्रशासनिक सुधार और शिक्षण-अधिगम
में एआई के उपयोग पर सारगर्भित चर्चा हुई।
तकनीकी सत्रों में देश
के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने एआई टूल्स, साइबर सुरक्षा, परीक्षा मूल्यांकन, छात्र सहायता
सेवाओं तथा जेनरेटिव एआई जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए। उद्योग विशेषज्ञों के साथ पैनल
चर्चा में विश्वविद्यालयों में एआई सुविधाओं की स्थापना एवं अनुसंधान सहयोग पर विशेष
फोकस रहा।
आज का युग आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस का युग
इस अवसर पर कुलपति प्रो.
पूनम टंडन ने कहा कि आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का युग है। हमारा प्रयास है
कि एआई को केवल एक विषय नहीं, बल्कि सभी पाठ्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, ताकि
प्रत्येक विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बन सके।