आशा वर्कर व किसान संगठन का प्रदर्शन:बोलीं- पर्मानेंट करे सरकार वरना आंदोलन, मांग को लेकर सड़क पर उतरे
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर में आशा वर्कर्स, किसान यूनियन और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के सैकड़ों
कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सभी लोग नगर
निगम से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।
इस दौरान
प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे और वे जिला प्रशासन तथा योगी
सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी
शामिल रहीं। आशा वर्कर्स अपनी नौकरी को स्थायी करने और सरकारी कर्मचारी का दर्जा
देने की मांग को लेकर आवाज उठा रही थीं।
आशा वर्कर्स
चंद्रकांता सिंह ने कहा कि “राज्य सरकार से हमारी मांग है कि हमें नौकरी पर
परमानेंट किया जाय। साथ में हमें राज्य कर्मचारी का दर्जा भी दिया जाय। और समूह 'ग' के कर्मचारियों
के बराबर वेतन की भी मांग उठाई।
आशा स्वाति ने
बताया कि “यह पहली बार नहीं की हम लोग डीएम कार्यालय आए हैं, लेकिन आजतक हमलोग डीएम साहब से नहीं मिल पाए है। आज उनसे
मिलकर ही जाना है।”प्रदर्शन में
शामिल किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
उनका कहना था
कि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। एक कार्यकर्ता ने कहा कि– “सरकार
किसानों के हित में सोचना बंद कर दी है। चुनाव के समय किसान की आय दोगुनी करने का
वादा करने वाली मोदी सरकार हम किसानों को भूल गई है। आज मैं अपनी 5 मांग को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा हूं।”
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किसान यूनियन की प्रमुख
मांगें
मजदूर विरोधी सभी श्रम कोड
वापस लो।
-सभी श्रम कानून बहाल करो।
-बी बी जी राम जी कानून वापस लो।
-मनरेगा को बहाल करो।
-किसान विरोधी ट्रेड डिल से बाहर आओ।
प्रदर्शनकारियों ने
चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे इससे भी बड़ा
आंदोलन करने को मजबूर होंगे। आशा वर्कर्स ने साफ कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को
गंभीरता से ले, वरना आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।