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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
गोरखपुर में नगर
निगम में शुक्रवार
को मानदेय बढ़ाने
और अन्य मांगों
को लेकर आशा
कार्यकर्ताओं का जबरदस्त
प्रदर्शन हुआ। इस
दौरान महराजगंज, देवरिया,
गोरखपुर समेत कई जिलों की
लगभग 500 आशा कार्यकर्ताओं
ने नगर निगम
पहुंच कर सीएम को संबोधित
ज्ञापन डीएम को सौंपना चाहा।
लेकिन मौके से
डीएम मौजूद नहीं
रहे। जिसको लेकर
कार्यकर्ताओं में जबरदस्त
रोष देखने को
मिला। उन्होंने परिसर
में बैठ कर 'योगी-मोदी
तेरा क्या भरोसा,
एक कटोरी दो
समोसा' और अन्य तरह के
नारे लगाएं।
मंत्री कहते तुम्हारा मर्द
कमाता नहीं है कि
चली आई हो- आरोप
मंच से संबोधित
करते हुए आशा वर्कर की
अध्यक्ष ने सरकारी
मंत्रियों पर आरोप
लगाते हुए कहा कि जब
हमारी बहने अपनी
समस्या लेकर मंत्रियों
के पास जाती
हैं तो मंत्री
कहते हैं, तुम्हारा
मर्द कमाता नहीं
है कि चली आई हो,
ऐसे मंत्रियों को
शर्म करना चाहिए।
योगी मोदी कान
में तेल डालकर
बैठे हैं।
न्यूनतम मजदूरी से भी
कम हमारा मानदेय
कार्यकर्ताओं
का कहना है कि हमसे
24 घंटे काम लिया
जाता है लेकिन
समय पर प्रोत्साहन
राशि नहीं मिलती।
वहीं उनका कहना
है कि एक न्यूनतम मजदूरी से
भी कम हमारा
मानदेय हैं। सरकार
कान में तेल डाल कर
बैठी है। कोई सुनवाई नहीं
है।
ADM को
सौंपा ज्ञापन
कार्यकर्ताओं
की मांगों को
देखते हुए डीएम
के प्रतिनिधि बनकर
एडीएम प्रशांत कुमार
उनसे मिलने पहुंचे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाया
कि उनकी बात
वह डीएम तक जरूर पहुंचाएंगे।
उन्होंने यह घोषणा
की कि दो तीन दिन
के अंदर 11 सदस्यों
की प्रतिनिधि मंडल
डीएम ऑफिस पहुंच
कर अपनी बात
रखेगा।
ADM को ज्ञापन सौंपने
से पहले कार्यकर्ताओं
ने जमकर विरोध
किया। उनका कहना
था कि हम किसी प्रतिनिधि
से नहीं मिलेंगे।
इस दौरान उनको
समझाते हुए डिप्टी
एसपी का कड़ा रुख देखने
को मिला।
डिप्टी एसपी ने अपनाया
कड़ा रुख
कार्यकर्ताओं
ने जब उनकी बात नहीं
सुनी तब उन्होंने
कड़े शब्दों में
कहा- अगर आप लोग बोलेंगी,
तो मैं नहीं
बोलूंगा, सुन लीजिए,
मैं पुलिस की
नौकरी करता हूं,
बनिया नहीं हूं,
बहुत ज्यादा नहीं
सुनूंगा मैं।
उसके बाद उन्होंने
आराम से आशाओं
को समझाया और
कहा कि आप लोग इतनी
दूर से आई हैं, आज
डीएम साहब सरकारी
काम से बाहर है, इसलिए
आपकी बात ADM साहब
डीएम तक पहुंचा
देंगे। तब जाकर वे कुछ
शर्तों के साथ
ADM को ज्ञापन सौंपने
के लिए तैयार
हुईं।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के
बीच दिखा खींच तान
एडीएम के समझाने
के बाद कार्यकर्ताओं
ने उन्हें ज्ञापन
तो सौंप दिया
लेकिन नाराजगी जारी
है। उन्होंने सड़कों
पर निकल कर विरोध करने
की कोशिश की।
उनके आक्रोश को
देखते हुए पुलिस
प्रशासन ने तत्काल
गेट बंद कर दिया।
बावजूद इसके कार्यकर्ताओं ने गेट खुलवाने के लिए पूरा जोर लगाया। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच खींच तान भी देखने को मिली। अंत में गेट पर ही बैठ कर प्रदर्शन करने लगी।