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Monday, 25th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। इंडियन डेंटल
एसोसिएशन की गोरखपुर शाखा की ओर से सीडीई प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस प्रोग्राम
का मुख्य टॉपिक 'डेंटल हाइपरसेंसिटिविटी' यानी दांतों में होने वाली झनझनाहट था।
इस दौरान दांतों की
सेंसिटिविटी के कारण, लक्षण और बचाव
के आधुनिक तरीके पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रोग्राम में देवरिया, बस्ती, महराजगंज, संतकबीर नगर और सहजनवां से लगभग 150 डेंटिस्ट शामिल हुए। एक्सपर्ट्स ने अपने अनुभव सांझा कर नए
डॉक्टरों को विस्तृत जानकारी दी।
झनझनाहट को न करें
नजरअंदाज- डॉ. गौरांग
मुख्य वक्ता डॉ. गौरांग
श्रीवास्तव ने आज के समय में दांतों में झनझनाहट के मुख्य कारणों, इसकी पहचान और इलाज के नए और आधुनिक तरीकों के बारे में
विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोगों को इस समस्या के प्रति
जागरूक होना चाहिए और समय रहते डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
सीनियर डॉक्टरों ने किया
उद्घाटन
वर्कशॉप की
शुरुआत आईडीए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीके माथुर, सचिव डॉ. एएन शर्मा और यूपी के निर्वाचित स्टेट प्रेसिडेंट
डॉ. संदीप शुक्ला ने मिलकर की। इस दौरान कार्यकारिणी के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका वर्मा ने किया।
कई जिलों के डॉक्टर हुए
शामिल
इस वर्कशॉप में गोरखपुर के अलावा देवरिया, बस्ती, महाराजगंज, संतकबीरनगर और सहजनवा से 150 से ज्यादा डेंटल डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद इस बीमारी के इलाज में हो रहे नए बदलावों और मैनेजमेंट की जानकारी डॉक्टरों को देना था, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।