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• desk • गोरखपुर / चरगांवा • 08-12-2025

लहरों को चीरकर आगे बढ़ने का हौसला रखते हैं डीएम दीपक मीणा

रूरल न्यूज नेटवर्क रिपोर्टर, गोरखपुर। बहती लहरों के साथ तो हर कोई तैर लेता है पर असली इंसान वह है जो लहरों को चीरकर आगे बढ़ता है। कुछ ऐसे ही जज्बे के साथ कार्य करने की फितरत रखते हैं गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा।

रूरल न्यूज नेटवर्क को दिए एक खास इंटरव्यू के माध्यम से उन्होंने गोरखपुर को विकास पथ पर अग्रसर करने की रणनीति साक्षा की। विदित हो कि डीएम दीपक मीणा राजस्थान के करौली जिले के निवासी हैं, इनका प्रशिक्षण अलीगढ़ में हुआ। इसके बाद इन्होंने जो अपने कैरियर की शुरूआत की तो फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आजमगढ़ सहारनपुर, अलीगढ़ में इनकी काबिलियत के दम पर इनको उपजिलाधिकारी का दायित्व सौंपा गया। इसके उपरांत श्री मीणा ने बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर में अपने अदभुत कार्यों का लोहा मनवाकर जल्द ही मुख्य विकास अधिकारी के पद को सुशोभित किया। सरकारी योजनाओं में वास्तविक पात्रों को उनका हक दिलाना, पीड़ितों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाकर सभी के दिलों के सरताज बने रहे।


कार्य के प्रति लगन, निष्ठा के कारण इन्हें पहली बार श्रावस्ती जिले के जिलाधिकारी की कमान सौंपी गई। बस फिर क्या था, मानों इनके हौसलों को पंख लग गए हों।। सीएसआर फंडिंग, सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, माडयूलर आपरेशन थिएटर से सरकारी स्कूलों में लैपटाप प्रोजेक्टर से स्मार्ट क्लासेज जैसी तमाम योजनाओं को जब इन्होंने धरती पर अमली जामा पहनाया तो इनके कार्यों की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

जनता से कर्मचारियों का मधुर संबंध स्थापित कर यह सभी के प्रिय बने रहे। इसके बाद डीएम पिछड़े जिलों में शुमार सिद्धार्थनगर की कमान इन्हें सौंपी गई। यहां पर इन्होंने सिद्धार्थनगर को टाप छह जिलों में शामिल कराकर अपनी निष्ठा का परिचय दिया।

इनका मानना है कि विकास-विकास की रट से नहीं बल्कि जमीनी धरातल पर अपने कार्य करने चाहिए। यही नहीं इनके सराहनीय कार्यों की बदौलत की इन्हें विभिन्न प्रदेश स्तरीय अवार्डों से सम्मानित भी किया जा चुका है। सिद्धार्थनगर के 352 सरकारी स्कूलों में लैपटाप प्रोजेक्टर के माध्यम से आज भी स्मार्ट क्लासेज का संचालन हो रहा है।

सिद्धार्थनगर में अवैध अतिक्रमणों को साफ कराने का श्रेय भी इन्हीं को जाता है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में भी पदस्थ होने के बाद आज भी यह सुबह दस से 12 बजे तक जनता की समस्याओं को केवल सुनते हैं बल्कि त्वरित समाधान कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित भी करते हैं।

यह किए गोरखपुर में कार्य

दीपक मीणा ने अभी हाल में ही गोरखपुर के जिलाधिकारी की कमान संभाली है। महानगर को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही कम समय में समस्याओं के निदान कर जनता के दिलों में अपनी अमिट छाप स्थापित कर ली है।

विकास कार्यों की तेज गति के लिए यह खुद भी निरीक्षण कर जिम्मेदारों के कार्यों पर इनकी पैनी नजर रहती है। जिससे विकास कार्यों को समयावधि में पूरा कराने का प्रयास तेज हुआ है।

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