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Saturday, 16th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। महायोगी गुरु
गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय में नकली और घटिया दवाओं की आपूर्ति का मामला सामने
आया है। सिरसिया गांव निवासी जयनारायण राय ने सीएम योगी को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण
की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि
विश्वविद्यालय में पहले प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज इलाज कराने
पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 200 से भी कम रह गई
है। उन्होंने इसका कारण चिकित्सकों द्वारा कथित तौर पर ‘मोनोपोलिक’ कंपनियों की
नकली और निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं लिखना बताया है।
पत्र में कहा गया है कि
मरीजों को निःशुल्क वितरण के लिए मंगाई जा रही कई औषधियां भी मानकों पर खरी नहीं
उतर रहीं। कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में मिट्टी, रेत और हानिकारक रंगों के
इस्तेमाल तक के आरोप लगाए गए हैं।
जयनारायण राय ने यह भी आरोप
लगाया कि कुछ चिकित्सक सस्ती दवाओं के बजाय अपनी दुकानों पर उपलब्ध महंगी दवाएं
मरीजों को लिख रहे हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण मरीज आर्थिक रूप से परेशान हो रहे
हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विश्वविद्यालय में खरीदी जा रही दवाओं की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।