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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में शिक्षा विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी ने RTI और IGRS पोर्टल के जरिए लगातार शिकायत कर उत्पीड़न और धमकी देकर धन उगाही की कोशिश का
आरोप लगाया है। प्रशासनिक अधिकारी की तहरीर और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद थाना
राजघाट पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नियुक्ति को लेकर कई साल से चल रही
शिकायतें
संयुक्त शिक्षा निदेशक सप्तम मंडल गोरखपुर के कार्यालय में तैनात प्रशासनिक
अधिकारी राजेश चन्द्र श्रीवास्तव, जो गांधी नगर वनकटवा रोड थाना
गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि
संतकबीर नगर जनपद के मेहदावल क्षेत्र के रहने वाले विनोद प्रताप सिंह उनकी
नियुक्ति को लेकर कई साल से RTI और IGRS पोर्टल
के माध्यम से लगातार शिकायतें करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर बार नियमानुसार जवाब देने के बावजूद बार-बार नई सूचनाएं
मांगकर दबाव बनाया जाता रहा, जिससे उन्हें मानसिक रूप से भी
परेशानी हुई और कामकाज प्रभावित हुआ।
कारण पूछने पर अभद्रता और धमकी का
आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि जब उन्होंने बार-बार सूचना मांगने का कारण
जानना चाहा तो आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान-माल की धमकी दी।
प्रशासनिक अधिकारी ने आशंका जताई है कि उन्हें डराकर और दबाव बनाकर धन उगाही की
कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों से शिकायत के बाद
पहुंचे उच्च न्यायालय
प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार उन्होंने पहले पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को देते हुए सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिस पर 15 दिसंबर 2025 को आदेश पारित हुआ। न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में दोबारा कार्रवाई की मांग करने पर थाना राजघाट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।