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Wednesday, 10th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में
निजीकरण और बिजली कर्मियों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में विद्युत कर्मचारी
संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जोरदार विरोध सभा आयोजित की गई। सभा में बड़ी
संख्या में बिजली कर्मचारी, जूनियर
इंजीनियर, अभियंता और संविदा कर्मियों ने हिस्सा लेकर
प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।
सभा को संबोधित करते हुए
वक्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी में दिन-रात मेहनत कर बिजली व्यवस्था संभालने वाले
कर्मचारियों का सम्मान करने के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है। शांतिपूर्ण
आंदोलन में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई कर डराने और उनका मनोबल गिराने की कोशिश
की जा रही है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों की कमी से
व्यवस्था प्रभावित
कर्मचारियों ने कहा कि
विभाग पहले से ही कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। इसके बावजूद डाउनसाइजिंग
के नाम पर नियमित पद खत्म किए जा रहे हैं और वर्षों से काम कर रहे संविदा कर्मियों
को बाहर किया जा रहा है। इससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं को
भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि
प्रबंधन की नीतियों से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। कर्मचारियों
की समस्याओं के समाधान के बजाय दमनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़नात्मक कार्रवाई तत्काल वापस नहीं ली गई और निजीकरण की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। सभा में मौजूद कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि बिजली कर्मियों के सम्मान, अधिकार और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को बचाने के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।